UP: रचा इतिहास...जिया ने 6 घंटे 10 मिनट में पूरी की 28 किमी समुद्री तैराकी, 35 से अधिक स्वर्ण जीत चुकी है
Azamgarh News: आजमगढ़ की जिया राय की इस उपलब्धि पर काफी सराहना मिल रही है। गांव की लड़कियां उनके नक्शे कदम पर चलना चाहती हैं। जिया ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित होने के बावजूद खुले समुद्र में तैराकी की विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं।
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आजमगढ़ के कटाई अलीमुद्दीनपुर निवासी 18 वर्षीय पैरा तैराक जिया राय ने 25 फरवरी को आयोजित वीर सावरकर अखिल भारतीय समुद्री तैराकी प्रतियोगिता में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 16 समुद्री मील (लगभग 28 किलोमीटर) की दूरी मात्र 6 घंटे 10 मिनट में पूरी कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह प्रतियोगिता गुजरात के आद्री तट से शुरू होकर वेरावल (जिला गिर सोमनाथ) में समाप्त हुई।
जिया के पिता मदन राय ने बताया कि इस प्रतियोगिता का आयोजन गुजरात सरकार के खेल, युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधि विभाग ने किया था। इस प्रतियोगिता में जिया राय सामान्य वर्ग की इस चुनौतीपूर्ण समुद्री तैराकी को पूरा करने वाली भारत की पहली महिला पैरा तैराक बन गई हैं।
प्रतियोगिता में कुल सात लड़कियों और 18 लड़कों ने भाग लिया। दौड़ पूरी करने पर जिला युवा एवं विकास अधिकारी एचडी मखवाना ने उन्हें प्रमाण पत्र और पदक देकर सम्मानित किया। पिता ने बताया कि जिया ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित होने के बावजूद खुले समुद्र में तैराकी की विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं।
वह पहले भी पाल्क स्ट्रेट (2022), इंग्लिश चैनल (2024) और कैटालिना चैनल (2025) जैसी कठिन समुद्री तैराकी सफलतापूर्वक पूरी कर चुकी हैं। वह इन तीनों प्रमुख चैनलों को पार करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र और सबसे तेज महिला पैरा तैराकों में शामिल हैं। विशेष रूप से, चैनल तैराकी के 150 वर्षों के इतिहास में जिया राय ऑटिज़्म से पीड़ित पहली लड़की हैं, जिन्होंने इंग्लिश चैनल और कैटालिना चैनल दोनों को सफलतापूर्वक पार किया।
जिया राय को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (2022), राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तीकरण पुरस्कार (2023) तथा विश्व ओपन वाटर तैराकी संघ अवार्ड (2024) से सम्मानित किया जा चुका है। अब तक जिया राय 35 से अधिक स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं और कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर देश और क्षेत्र का गौरव बढ़ा चुकी हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
