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Azamgarh News: पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे जमीन अधिग्रहण का विरोध
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे किनारे जमीन अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन करते पूर्वांचल किसान यूनियन और
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आजमगढ़। पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा के बैनर तले बुधवार को बड़ी संख्या में किसानों और महिलाओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र और न्यू एनर्जी प्लांट के नाम पर भूमि अधिग्रहण का विरोध किया।
प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि किसान अपनी आजीविका की जमीन किसी भी परियोजना के लिए नहीं देंगे।पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव और किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि फूलपुर तहसील के अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से सटे 24 गांवों की जमीन अधिग्रहण की चर्चाओं से ग्रामीणों में चिंता है।
उन्होंने कहा कि खेती ही किसानों के जीवन का आधार है और यदि जबरन भूमि अधिग्रहण का प्रयास किया गया तो किसान आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि धान रोपाई के दौरान यूरिया की कमी बताकर किसानों को जबरन जिंक खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है तथा अधिक कीमत वसूलकर यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि समितियों के माध्यम से किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
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इसके अलावा निजामाबाद, फूलपुर, कप्तानगंज, बूढ़नपुर और आजमगढ़ क्षेत्र की नहरें सूखी पड़ी हैं, जबकि कई शाखा नहरों में वर्षों से पानी नहीं पहुंचा है। धान की खेती को देखते हुए तत्काल नहरों में पानी छोड़ा जाए।
इसके अलावा सरायमीर क्षेत्र में कम क्षमता वाले विद्युत ढांचे के कारण लो-वोल्टेज और बिजली आपूर्ति की समस्या बनी रहती है। इसे दूर करने के लिए वहां उच्च क्षमता का नया पावर हाउस स्थापित करने की मांग की गई।
प्रदर्शन में वीरेंद्र यादव, राजीव यादव, राजेंद्र यादव, अधिवक्ता विनोद यादव, विद्या, अवधेश यादव, बिजुला, राजशेखर, अनिल गुप्ता, महेंद्र यादव, नंदलाल यादव, सहाबदीन, रोशन लाल, विनोद गुप्ता, मिथलेश, बब्बर चौरसिया, कन्नू आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि किसान अपनी आजीविका की जमीन किसी भी परियोजना के लिए नहीं देंगे।पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव और किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि फूलपुर तहसील के अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से सटे 24 गांवों की जमीन अधिग्रहण की चर्चाओं से ग्रामीणों में चिंता है।
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उन्होंने कहा कि खेती ही किसानों के जीवन का आधार है और यदि जबरन भूमि अधिग्रहण का प्रयास किया गया तो किसान आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि धान रोपाई के दौरान यूरिया की कमी बताकर किसानों को जबरन जिंक खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है तथा अधिक कीमत वसूलकर यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि समितियों के माध्यम से किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
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इसके अलावा निजामाबाद, फूलपुर, कप्तानगंज, बूढ़नपुर और आजमगढ़ क्षेत्र की नहरें सूखी पड़ी हैं, जबकि कई शाखा नहरों में वर्षों से पानी नहीं पहुंचा है। धान की खेती को देखते हुए तत्काल नहरों में पानी छोड़ा जाए।
इसके अलावा सरायमीर क्षेत्र में कम क्षमता वाले विद्युत ढांचे के कारण लो-वोल्टेज और बिजली आपूर्ति की समस्या बनी रहती है। इसे दूर करने के लिए वहां उच्च क्षमता का नया पावर हाउस स्थापित करने की मांग की गई।
प्रदर्शन में वीरेंद्र यादव, राजीव यादव, राजेंद्र यादव, अधिवक्ता विनोद यादव, विद्या, अवधेश यादव, बिजुला, राजशेखर, अनिल गुप्ता, महेंद्र यादव, नंदलाल यादव, सहाबदीन, रोशन लाल, विनोद गुप्ता, मिथलेश, बब्बर चौरसिया, कन्नू आदि मौजूद रहे।