निजामाबाद। निजी कंपनी को रजिस्ट्री का काम सौंपे जाने के प्रस्ताव के खिलाफ मंगलवार को तहसील में तहसील बार एसोसिएशन के साथ अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए चक्रमण किया। प्रशासन के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजकर इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व बार एसोसिएशन निजामाबाद के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह का कहना था कि रजिस्ट्री और बैनामा से संबंधित कार्य लंबे समय से अधिवक्ताओं एवं अधिकृत बैनामा लेखकों के माध्यम से संचालित होते रहे हैं। यदि इस व्यवस्था को किसी निजी कंपनी को सौंपा जाता है तो इससे अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और आम नागरिकों के हित प्रभावित होंगे। स्थानीय स्तर पर रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकारी कार्यों का निजीकरण उचित नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि निजी कंपनी के माध्यम से कार्य होने पर आम लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ सकता है। बैनामा लेखकों ने भी निर्णय को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों ने तहसील परिसर में बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान अनिल प्रजापति, राम प्रताप सिंह, कमलेश यादव, दयाराम यादव, दिनेश यादव, साधु यादव, विनोद, अभिषेक राय, लालचंद, देवेंद्र सहित सैकड़ों की संख्या में बैनामा लेखक और अधिवक्ता थे।