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स्टार्टअप नई पीढ़ी के लिए संजीवनी सरीखा : प्रो. संजीव कुमार
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महाराजा सुहेलदेव विवि में आयोजित आरिएंटेशन कार्यक्रम में मौजूद लोग। संवाद
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चक्रपानपुर। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के फैसिलिटी सेंटर में नई पीढ़ी में उद्यमशीलता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवापर को बृहद स्टार्टअप ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में साउथ एशिया स्टार्टअप प्रोग्राम के हेड डॉ. निरर्पेन भट्ट तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी इन्नोवेशन एंड इक्यूवेशन फाउंडेशन के निदेशक डॉ. नरेंद्र सिसोदिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यशाला में राजकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य-प्राचार्याएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि “स्टार्टअप नई पीढ़ी के लिए संजीवनी सरीखा है।” उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पठन-पाठन के साथ स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देते हुए छात्रों को नवाचार के लिए मंच प्रदान करेगा। स्टार्टअप न केवल रोजगार पाने का माध्यम है, बल्कि रोजगार देने का भी सशक्त जरिया बन सकता है।
मुख्य अतिथि डॉ. निरर्पेन भट्ट ने युवाओं के ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि उद्यमशीलता के माध्यम से नवयुवक अपनी आंतरिक क्षमता को दिशा दे सकते हैं। वहीं डॉ. नरेंद्र सिसोदिया ने कहा कि उद्यमशीलता के माध्यम से नवयुवक अपने अंदर की आग को रास्ता दिखाते हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्टअप की संभावनाओं को लेकर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।
अंत में प्राचार्य प्रो. संत कुमार यादव ने कुलपति की पहल की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय में स्टार्टअप फाउंडेशन के गठन पर आभार व्यक्त किया और महाविद्यालय स्तर पर भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ऋतंभरा ने किया।
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मुख्य अतिथि के रूप में साउथ एशिया स्टार्टअप प्रोग्राम के हेड डॉ. निरर्पेन भट्ट तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी इन्नोवेशन एंड इक्यूवेशन फाउंडेशन के निदेशक डॉ. नरेंद्र सिसोदिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यशाला में राजकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य-प्राचार्याएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि “स्टार्टअप नई पीढ़ी के लिए संजीवनी सरीखा है।” उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पठन-पाठन के साथ स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देते हुए छात्रों को नवाचार के लिए मंच प्रदान करेगा। स्टार्टअप न केवल रोजगार पाने का माध्यम है, बल्कि रोजगार देने का भी सशक्त जरिया बन सकता है।
मुख्य अतिथि डॉ. निरर्पेन भट्ट ने युवाओं के ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि उद्यमशीलता के माध्यम से नवयुवक अपनी आंतरिक क्षमता को दिशा दे सकते हैं। वहीं डॉ. नरेंद्र सिसोदिया ने कहा कि उद्यमशीलता के माध्यम से नवयुवक अपने अंदर की आग को रास्ता दिखाते हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्टअप की संभावनाओं को लेकर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।
अंत में प्राचार्य प्रो. संत कुमार यादव ने कुलपति की पहल की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय में स्टार्टअप फाउंडेशन के गठन पर आभार व्यक्त किया और महाविद्यालय स्तर पर भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ऋतंभरा ने किया।