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Azamgarh News: गांवों में फैला कूड़ा-कचरा, सफाईकर्मी दफ्तर में बना रहे प्रमाण पत्र
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रानी की सराय ब्लॉक में जन्मप्रमाण पत्र का काम देखता सफाईकर्मी। संवाद
- फोटो : Samvad
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आजमगढ़।
1810 ग्राम पंचायतों में सफाई के लिए 4200 सफाईकर्मी तैनात हैं। फिर भी गांवों के हर चौराहे और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा फैला है। सफाई कर्मचारियों की तैनाती होने के बाद भी जगह-जगह फैली गंदगी साफ नहीं होने पर मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम हकीकत जानने के लिए निकली तो पता चला कि सफाईकर्मी झाड़ू लगाने के बजाए दफ्तरों में प्रमाण पत्र बना रहे हैं। यह किसके आदेश पर प्रमाण पत्र बना रहे हैं। पूछने पर वह भागते फिरते रहे। कुछ सफाईकर्मी अधिकारियों के आवास और कार्यालयों में सेवा दे रहे हैं। इस कारण गांवों में गंदगी फैली है।
डीपीआरओ कार्यालय में वाहन चालक है सफाईकर्मी
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में तैनात कई सफाईकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर, डाक लाने-ले जाने और अन्य कार्यालयी कार्य करने में लगे हैं। इतना ही नहीं, डीपीआरओ कार्यालय में वाहन चालक के रूप में भी एक सफाईकर्मी की ड्यूटी लगाई गई है।
स्वच्छ भारत मिशन कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर है सफाईकर्मी
विकास भवन स्थित स्वच्छ भारत मिशन कार्यालय में सफाईकर्मियों से कार्यालयी कार्य कराया जा रहा है। यहां दो सफाईकर्मी नियमित रूप से कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करते हैं। सवाल है कि जब सफाईकर्मी कार्यालयों में तैनात रहेंगे तो ग्राम पंचायतों में सफाई कैसे होगी।
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ब्लॉक में भी कार्यालय का काम करते हैं सफाईकर्मी
विकास खंड रानी की सराय में कई सफाईकर्मियों से गांवों में सफाई कराने के बजाय डाक लाने और ले जाने का काम, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य दफ्तर के काम कराए जा रहे हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों में नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सठियांव ब्लॉक कार्यालय में ड्यूटी दे रहे हैं सफाईकर्मी
विकास खंड सठियांव में भी कई सफाईकर्मी ब्लॉक कार्यालय में तैनात हैं। इनसे अभिलेखों का रखरखाव, डाक का आदान-प्रदान और अन्य प्रशासनिक कार्य कराए जा रहे हैं। जबकि इनकी मूल जिम्मेदारी गांवों की गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई करना है।
ग्रामीणों की भी सुनें
हमारे गांव में कई-कई दिनों तक सफाईकर्मी दिखाई नहीं देते। नालियां गंदगी से भरी रहती हैं। कूड़े का नियमित उठान नहीं होता है। बरसात में स्थिति और खराब है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सफाईकर्मी गांव में ही ड्यूटी करें। - राजकुमार, जाफरपुर।
गांव में गंदगी फैली रहती है। नालियों की सफाई तब होती जब कोई शिकायत करता है। गंदगी होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारी फैलने का डर बना रहता है। सफाईकर्मियों की तैनाती गांवों में होनी चाहिए, न कि कार्यालयों में।
- गाेविंद शर्मा, गेलवारा।
सरकार सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उसका लाभ गांव के लोगों को नहीं मिल रहा है। नियमित सफाई नहीं होने से नालियां चोक रहती हैं और गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी निगरानी करनी चाहिए।
- मोहम्मद मतुल्ला कोटिला।
अगर सफाईकर्मी पूरे समय गांव में काम करें तो आधी समस्या अपने आप खत्म हो जाएगी। अभी तो कागजों में सफाई होती है, जबकि गांवों में गंदगी का अंबार लगा है। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। - आनंद सिंह, सुम्हाडीह।
जिले में 4200 सफाईकर्मी तैनात हैं। इनकी ड्यूटी गांवों में सफाई के लिए लगाई गई है। हमारे दफ्तर में कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में कुछ कर्मचारी हमारे यहां काम कर रहे हैं। जहां तक रही अन्य कार्यालयों में काम करने की बात तो अभी ये बताना मुश्किल है। इसकी जानकरी हमें नहीं है कि कुल कितने सफाईकर्मी कार्यालयों में तैनात हैं। - कुमार अमरेंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी, आजमगढ़।
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1810 ग्राम पंचायतों में सफाई के लिए 4200 सफाईकर्मी तैनात हैं। फिर भी गांवों के हर चौराहे और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा फैला है। सफाई कर्मचारियों की तैनाती होने के बाद भी जगह-जगह फैली गंदगी साफ नहीं होने पर मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम हकीकत जानने के लिए निकली तो पता चला कि सफाईकर्मी झाड़ू लगाने के बजाए दफ्तरों में प्रमाण पत्र बना रहे हैं। यह किसके आदेश पर प्रमाण पत्र बना रहे हैं। पूछने पर वह भागते फिरते रहे। कुछ सफाईकर्मी अधिकारियों के आवास और कार्यालयों में सेवा दे रहे हैं। इस कारण गांवों में गंदगी फैली है।
डीपीआरओ कार्यालय में वाहन चालक है सफाईकर्मी
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में तैनात कई सफाईकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर, डाक लाने-ले जाने और अन्य कार्यालयी कार्य करने में लगे हैं। इतना ही नहीं, डीपीआरओ कार्यालय में वाहन चालक के रूप में भी एक सफाईकर्मी की ड्यूटी लगाई गई है।
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स्वच्छ भारत मिशन कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर है सफाईकर्मी
विकास भवन स्थित स्वच्छ भारत मिशन कार्यालय में सफाईकर्मियों से कार्यालयी कार्य कराया जा रहा है। यहां दो सफाईकर्मी नियमित रूप से कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करते हैं। सवाल है कि जब सफाईकर्मी कार्यालयों में तैनात रहेंगे तो ग्राम पंचायतों में सफाई कैसे होगी।
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ब्लॉक में भी कार्यालय का काम करते हैं सफाईकर्मी
विकास खंड रानी की सराय में कई सफाईकर्मियों से गांवों में सफाई कराने के बजाय डाक लाने और ले जाने का काम, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य दफ्तर के काम कराए जा रहे हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों में नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सठियांव ब्लॉक कार्यालय में ड्यूटी दे रहे हैं सफाईकर्मी
विकास खंड सठियांव में भी कई सफाईकर्मी ब्लॉक कार्यालय में तैनात हैं। इनसे अभिलेखों का रखरखाव, डाक का आदान-प्रदान और अन्य प्रशासनिक कार्य कराए जा रहे हैं। जबकि इनकी मूल जिम्मेदारी गांवों की गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई करना है।
ग्रामीणों की भी सुनें
हमारे गांव में कई-कई दिनों तक सफाईकर्मी दिखाई नहीं देते। नालियां गंदगी से भरी रहती हैं। कूड़े का नियमित उठान नहीं होता है। बरसात में स्थिति और खराब है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सफाईकर्मी गांव में ही ड्यूटी करें। - राजकुमार, जाफरपुर।
गांव में गंदगी फैली रहती है। नालियों की सफाई तब होती जब कोई शिकायत करता है। गंदगी होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारी फैलने का डर बना रहता है। सफाईकर्मियों की तैनाती गांवों में होनी चाहिए, न कि कार्यालयों में।
- गाेविंद शर्मा, गेलवारा।
सरकार सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उसका लाभ गांव के लोगों को नहीं मिल रहा है। नियमित सफाई नहीं होने से नालियां चोक रहती हैं और गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी निगरानी करनी चाहिए।
- मोहम्मद मतुल्ला कोटिला।
अगर सफाईकर्मी पूरे समय गांव में काम करें तो आधी समस्या अपने आप खत्म हो जाएगी। अभी तो कागजों में सफाई होती है, जबकि गांवों में गंदगी का अंबार लगा है। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। - आनंद सिंह, सुम्हाडीह।
जिले में 4200 सफाईकर्मी तैनात हैं। इनकी ड्यूटी गांवों में सफाई के लिए लगाई गई है। हमारे दफ्तर में कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में कुछ कर्मचारी हमारे यहां काम कर रहे हैं। जहां तक रही अन्य कार्यालयों में काम करने की बात तो अभी ये बताना मुश्किल है। इसकी जानकरी हमें नहीं है कि कुल कितने सफाईकर्मी कार्यालयों में तैनात हैं। - कुमार अमरेंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी, आजमगढ़।