आजमगढ़। अखिल भारतीय पसमांदा मुस्लिम महाज की ओर से मंगलवार की शाम को गुरुटोला अनंतपुरा स्थित संकल्प फाउंडेशन कार्यालय पर राष्ट्रभक्त वीर अब्दुल हमीद एवं महान नेता अब्दुल कयूम अंसारी की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। मो. अफजल ने कहा कि राष्ट्रभक्त वीर अब्दुल हमीद और अब्दुल कयूम अंसारी का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग, संघर्ष और सामाजिक समरसता का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने साल 1965 के भारत-पाक युद्ध 1965 में अदम्य साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि अब्दुल कयूम अंसारी ने सामाजिक न्याय, शिक्षा और वंचित समाज के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। परवेज अहमद ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद भारतीय सेना के अमर योद्धा थे, जिनका शौर्य भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। वहीं, अब्दुल कयूम अंसारी ने सामाजिक समानता और राष्ट्रीय एकता के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। अफसार अहमद इदरीसी ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का जीवन साहस, राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का सर्वोच्च उदाहरण है। अधिवक्ता निशीथ रंजन तिवारी ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद भारतीय राष्ट्रवाद, साहस और सर्वोच्च बलिदान के अमर प्रतीक हैं। वहीं, अब्दुल कयूम अंसारी का जीवन सामाजिक समरसता, शिक्षा और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। संचालन करते हुए साहित्यकार नामी चिरैयाकोटी ने दोनों विभूतियों के जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘वो मुहाफिज है वतन के बा-कमाल, वो सिपाही थे देश के बेमिसाल’ प्रस्तुत किया। इस दौरान मनीष कृष्ण साहिल, रामजनम निषाद, डॉ. तारिक, खालिद अंसारी, अरविंद मद्धेशिया, शहीद अंसारी, जावेद इदरीसी उर्फ पप्पू, इसरार इदरीसी, मिट्ठू, जुल्फेकार, उबैद खान आदि रहे।