यूपी बोर्ड: डीआईओएस ने सचल दल में शिक्षा मित्र को किया शामिल, निगरानी व्यवस्था पर सवाल; दी सफाई
Azamgarh News: सचल दल में शिक्षामित्र को शामिल करने को लेकर एडी और जेडी ने नियमों के विरुद्ध बताया है। इसके साथ ही सवाल भी उठ रहे हैं। वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक ने शिक्षकों की कमी का हवाला देकर सफाई दी है।
विस्तार
UP Board Exam: आजमगढ़ जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने गठित सचल दल में शिक्षामित्र को शामिल करने की विभाग में चर्चा हो रही है। एडी और जेडी ने इसे नियमों के विरुद्ध बताया है। वहीं डीआईओएस का कहना है कि शिक्षकों की कमी से ऐसा किया गया है।
जनपद में इस समय 273 परीक्षा केंद्रों पर यूपी बोर्ड की परीक्षाएं संचालित हो रही हैं। परीक्षा को नकलविहीन और सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से कई सचल दल गठित किए गए हैं। इन सचल दलों में एक शिक्षा मित्र को शामिल किए जाने पर नियमों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सवाल ये भी हो रहे कि प्रथम सचल दल जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार की टीम में उन्हें लेकर कुल पांच लोग शामिल किया गया है। इसमें राममिलन प्रजापति प्राथमिक विद्यालय कलंदरपुर शिक्षा क्षेत्र मुहम्मदपुर, प्रिया सिंह राठौड़ सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय बर्जी, बिलरियागंज व दो सशस्त्र आरक्षी शामिल हैं।
उक्त टीम में शामिल लोगों के नाम के साथ पदनाम है लेकिन राममिलन प्रजापति के आगे उनका पदनाम नहीं लिखा गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा कि क्या शिक्षा मित्र होने के कारण राममिलन प्रजापति के साथ उनका पदनाम नहीं लिखा गया है।
शिक्षकों की कमी का तर्क पर भी सवाल
जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी का तर्क भी पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। जिले में करीब 1150 प्रधानाध्यापक, 7533 सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालयों में और 2866 सहायक अध्यापक जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत हैं। इसके बावजूद यदि सचल दल के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं हो सके और शिक्षा मित्र को शामिल करना पड़ा तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
शिक्षकों की कमी के कारण उपलब्ध संसाधनों के आधार पर सचल दल का गठन किया गया है। यदि शिक्षामित्र सचल दल में नहीं लग सकते तो उन्हें हटा दिया जाएगा। - मनोज कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
यूपी बोर्ड परीक्षा को सकुशल और नकलविहीन कराने के लिए जनपद में सचल दलों का गठन किया गया है। माध्यमिक के साथ ही बेसिक में शिक्षकों की कमी नहीं है। इसके बाद भी शिक्षा मित्र लगाया गया है, यह नियम के विरुद्ध है। ऐसे डीआईओएस को नहीं करना चाहिए। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - नवल किशोर, संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़।
डीआईओएस सचल दल में शिक्षा मित्र को लेकर नहीं चल सकते। यदि वह लेकर चल रहे तो गलत कर रहे हैं। इस संबंध में बीएसए को निर्देशित किया जाएगा कि वह आवश्यक कार्रवाई करें। - मनोज कुमार मिश्रा, एडी बेसिक आजमगढ़।
