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Baghpat News: प्राचीन संस्कृति से जुड़ेंगी नई पीढ़ी की बेटियां
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-आर्य प्रतिनिधि सभा जिलेभर के स्कूलाें में जाकर छात्राओं को पुरातन संस्कृति की देगी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। आर्य प्रतिनिधि सभा जुलाई माह से जिलेभर के विद्यालयों में एक विशेष अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत छात्राओं को यज्ञ की विधि और उसके महत्व की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य उन्हें प्राचीन संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है।
अभियान के तहत प्रशिक्षित कार्यकर्ता और विद्वान विभिन्न स्कूलों में पहुंचेंगे। वे छात्राओं को यज्ञ की प्रक्रिया, वैदिक सिद्धांतों और भारतीय संस्कृति में इसके महत्व के बारे में अवगत कराएंगे। सभा के मंत्री रवि शास्त्री ने बताया कि यह पहल वर्तमान पीढ़ी को अपनी प्राचीन संस्कृति से जोड़ने के लिए की जा रही है। अभियान के दौरान छात्राओं को यज्ञ करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे वे वैदिक परंपराओं को समझ सकेंगी और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए जागरूक हो सकेंगी। शास्त्री ने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों को यज्ञ के प्रति जागरूक करना है। साथ ही भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं के संरक्षण में उनकी भूमिका को बढ़ाना है। जुलाई से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम जिले के प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाने का लक्ष्य है। सभा के पदाधिकारियों का मानना है कि बेटियां समाज की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए उन्हें वैदिक ज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों से अवगत कराना आवश्यक है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। आर्य प्रतिनिधि सभा जुलाई माह से जिलेभर के विद्यालयों में एक विशेष अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत छात्राओं को यज्ञ की विधि और उसके महत्व की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य उन्हें प्राचीन संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है।
अभियान के तहत प्रशिक्षित कार्यकर्ता और विद्वान विभिन्न स्कूलों में पहुंचेंगे। वे छात्राओं को यज्ञ की प्रक्रिया, वैदिक सिद्धांतों और भारतीय संस्कृति में इसके महत्व के बारे में अवगत कराएंगे। सभा के मंत्री रवि शास्त्री ने बताया कि यह पहल वर्तमान पीढ़ी को अपनी प्राचीन संस्कृति से जोड़ने के लिए की जा रही है। अभियान के दौरान छात्राओं को यज्ञ करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे वे वैदिक परंपराओं को समझ सकेंगी और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए जागरूक हो सकेंगी। शास्त्री ने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों को यज्ञ के प्रति जागरूक करना है। साथ ही भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं के संरक्षण में उनकी भूमिका को बढ़ाना है। जुलाई से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम जिले के प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाने का लक्ष्य है। सभा के पदाधिकारियों का मानना है कि बेटियां समाज की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए उन्हें वैदिक ज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों से अवगत कराना आवश्यक है।