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Baghpat News: एक्सप्रेसवे बंद पड़ा, गूगल पर दौड़ रहीं गाड़ियां, हो रहे हादसे
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बागपत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल को होगा, लेकिन वाहनों के लिए बंद होने के बावजूद गूगल मैप पर इसे खुला दिखाया जा रहा है। इस गलत जानकारी के कारण एक्सप्रेसवे पर पहुंच रहे वाहन चालक परेशान हो रहे हैं और उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। मंगलवार रात एक्सप्रेसवे पर हुए एक हादसे में दो बीटेक छात्रों की मौत हो गई, जिससे सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह डिवाइडर के पत्थर सड़क के बीच में रखे गए हैं, जो वाहनों को आगे बढ़ने से रोकते हैं। गूगल मैप का सहारा लेकर सफर करने वाले दिल्ली, नोएडा और अन्य जगहों के लोग इन पत्थरों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। कई भीषण हादसे पहले भी हो चुके हैं, जिससे यात्रियों की जान को खतरा बना हुआ है। वाहन चालकों को 10 से 15 किलोमीटर तक आगे जाने के बाद वापस लौटना पड़ रहा है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। यह 210 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर देहरादून तक जाता है। इसका निर्माण चार चरणों में किया गया है। अक्षरधाम से खेकड़ा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाला शुरुआती एलिवेटेड हिस्सा पहले ही शुरू हो चुका है। पूरे एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसके तहत लाइटें और सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। हालांकि, वाहनों के लिए इसे पूरी तरह से खोलने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
ये हो चुके हादसे:-
ट्रक में कार घुसने से दो की मौत
फरवरी माह में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कंडेरा गांव के पास शामली की तरफ से आ रही कार सड़क पर खड़े ट्रक में घुस गई। इस हादसे में एलएलबी के छात्र सिद्धार्थ (22) निवासी ककौरकलां और उसके मौसेरे भाई सागर (20) निवासी बदरखा की मौत हो गई थी।
-कोहरे में भिड़ीं 20 से ज्यादा गाड़ियां
जनवरी माह में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हसनपुर मसूरी और मकलां गांव के पास 20 से ज्यादा गाड़ियां आपस में भिड़ गई थीं। इन हादसों में गाड़ियां में सवार महिलाओं समेत 25 लोग घायल हो गए। इसके बाद भी कोहरे में कई बार वाहनों की भिड़ंत हुई।
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डिग्री मिलने की खुशी पर छाया मातम
बागपत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हादसे में जान गंवाने वाले दोनों छात्र अपने परिवारों के इकलौते बेटे हैं। छात्र कपिल पाराशर के पिता राजेश पाराशर निजी नौकरी करते थे, जो काफी समय से बीमार हैं। इनके अलावा नीति आयोग के अवर सचिव राजेंद्र कौशिक निवासी आर्य नगर नांगलोई के परिवार में प्रयागराज कौशिक के अलावा दो बेटियां निकिता, साक्षी हैं। निकिता कौशिक एमबीबीएस और साक्षी बीटेक कर चुकी हैं। प्रयागराज कौशिक और कपिल पाराशर को विश्वविद्यालय से बीटेक की डिग्री मिलने को लेकर परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ था। दोनों ने डिग्री मिलने की जानकारी अपने परिवार वालों को दी। इसके बाद हरिद्वार में गंगा नहाकर आने और प्रसाद चढ़ाने के बारे में बताया, लेकिन देर रात हादसा हो गया।
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एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह डिवाइडर के पत्थर सड़क के बीच में रखे गए हैं, जो वाहनों को आगे बढ़ने से रोकते हैं। गूगल मैप का सहारा लेकर सफर करने वाले दिल्ली, नोएडा और अन्य जगहों के लोग इन पत्थरों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। कई भीषण हादसे पहले भी हो चुके हैं, जिससे यात्रियों की जान को खतरा बना हुआ है। वाहन चालकों को 10 से 15 किलोमीटर तक आगे जाने के बाद वापस लौटना पड़ रहा है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। यह 210 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर देहरादून तक जाता है। इसका निर्माण चार चरणों में किया गया है। अक्षरधाम से खेकड़ा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाला शुरुआती एलिवेटेड हिस्सा पहले ही शुरू हो चुका है। पूरे एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसके तहत लाइटें और सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। हालांकि, वाहनों के लिए इसे पूरी तरह से खोलने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
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ये हो चुके हादसे:-
ट्रक में कार घुसने से दो की मौत
फरवरी माह में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कंडेरा गांव के पास शामली की तरफ से आ रही कार सड़क पर खड़े ट्रक में घुस गई। इस हादसे में एलएलबी के छात्र सिद्धार्थ (22) निवासी ककौरकलां और उसके मौसेरे भाई सागर (20) निवासी बदरखा की मौत हो गई थी।
-कोहरे में भिड़ीं 20 से ज्यादा गाड़ियां
जनवरी माह में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हसनपुर मसूरी और मकलां गांव के पास 20 से ज्यादा गाड़ियां आपस में भिड़ गई थीं। इन हादसों में गाड़ियां में सवार महिलाओं समेत 25 लोग घायल हो गए। इसके बाद भी कोहरे में कई बार वाहनों की भिड़ंत हुई।
डिग्री मिलने की खुशी पर छाया मातम
बागपत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हादसे में जान गंवाने वाले दोनों छात्र अपने परिवारों के इकलौते बेटे हैं। छात्र कपिल पाराशर के पिता राजेश पाराशर निजी नौकरी करते थे, जो काफी समय से बीमार हैं। इनके अलावा नीति आयोग के अवर सचिव राजेंद्र कौशिक निवासी आर्य नगर नांगलोई के परिवार में प्रयागराज कौशिक के अलावा दो बेटियां निकिता, साक्षी हैं। निकिता कौशिक एमबीबीएस और साक्षी बीटेक कर चुकी हैं। प्रयागराज कौशिक और कपिल पाराशर को विश्वविद्यालय से बीटेक की डिग्री मिलने को लेकर परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ था। दोनों ने डिग्री मिलने की जानकारी अपने परिवार वालों को दी। इसके बाद हरिद्वार में गंगा नहाकर आने और प्रसाद चढ़ाने के बारे में बताया, लेकिन देर रात हादसा हो गया।