लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

खौफनाक वारदात: राखी वाले हाथों ने ही उजाड़ दी बहनों की दुनिया, इकलौते भाई को बेहद प्यार करती थीं चारों बहन

मुकेश पंवार, अमर उजाला ब्यूरो, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 17 Aug 2022 07:13 PM IST
बागपत ट्रिपल मर्डर केस।
1 of 6
विज्ञापन
अनुराधा व ज्योति ने कभी नहीं सोचा होगा कि जिस हाथ पर वे दोनों बचपन से राखी बांधती आ रही हैं। वही हाथ एक दिन उनकी जिंदगी छीन लेगा। जिस भाई ने रक्षा का वचन दिया था, सिर पर खून सवार हुआ तो उसी भाई ने मौत की नींद सुला दिया।

बागपत में मृतक बृजपाल ट्रक चालक था और उसका इकलौता बेटा अमरपाल उर्फ लक्ष्य तोमर व चार बेटियां पूजा, आरती, ज्योति व सबसे छोटी अनुराधा थी। पूजा की शादी कुछ साल पहले मेरठ के कल्याणपुर में तो आरती की शादी जिवाना-जिवानी गांव में हुई थी। जबकि ज्योति व अनुराधा अभी अविवाहित थीं। इकलौता भाई होने के कारण सभी बहनें अमरपाल को बहुत प्यार करतीं थीं और हर वर्ष रक्षाबंधन पर उसको राखी बांधतीं थीं। पिछले सप्ताह ही सभी बहनों ने अमरपाल को रक्षा सूत्र बांधा था, लेकिन बहनों को नहीं बता था कि जिस हाथ पर वे राखी बांध रहीं हैं, वही हाथ उनकी जिंदगी छीन लेगा।
बागपत ट्रिपल मर्डर केस।
2 of 6
अमरपाल की मां शशिप्रभा ने बताया कि आरोपी अमरपाल शराब व जमीन के चक्कर में इतना पागल हो चुका था कि उसे एक बार भी अपनी बहनों व पिता पर तरस नहीं आया। उसकी बहनें चिल्लाती रहीं, लेकिन एक बार भी भाई का दिल नहीं पसीजा।
विज्ञापन
बागपत ट्रिपल मर्डर केस।
3 of 6
बृजपाल पर 20, अनुराधा पर 10 व ज्योति पर किए 6 वार
आरोपी अमरपाल उर्फ लक्ष्य तोमर ने गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस पूछताछ में बताया कि उसका झगड़ा केवल पिता बृजपाल के साथ था। इसलिए वह पिता ब्रजपाल को मारने की फिराक में था, लेकिन उसे मौका नहीं मिल रहा था। घटना की रात जब ब्रजपाल, ज्योति व अनुराधा सो रही थी, तभी अमरपाल घर में रखा लोहे का नुकीला हथियार उठाकर लाया और सोफे पर सो रहे बृजपाल पर लगभग 20 बार वार किए। लेकिन तभी अनुराधा व ज्योति भी जाग गई, इसलिए उनकी भी हत्या कर दी। उसने अनुराधा पर दस व ज्योति पर छह वार किए।
बागपत ट्रिपल मर्डर केस।
4 of 6
यहां रिश्तों का हो रहा कत्ल
यहां रिश्तों का खूब कत्ल हो रहा है। पिछले कुछ महीनों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें पिता, मां, भाई, चाचा और बेटे ही अपनों का खून बहा रहे हैं। ऐसे ही मामलों को रोकना पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती है। वहीं, मनोचिकित्सक ऐसे मामलों के लिए तनाव भरी जिंदगी में सामूहिक परिवार नहीं होने के कारण गुस्सा जल्दी आना कारण मानते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सदमे में परिजन।
5 of 6
इस बारे में दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज की मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. अंशु अग्रवाल नेे बताया कि सामूहिक परिवार नहीं होना इस तरह की घटनाओं का बड़ा कारण है। लोगों को गुस्सा आता है और वह उस गुस्से को नियंत्रित नहीं कर पाते, जिससे इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं।
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00