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Baghpat News: हिंडन की बाढ़ से बर्बाद हो गई सब्जी, मंडी में हुई महंगी
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ररटौल। हिंडन नदी में आई बाढ़ से रटौल, सरफाबाद और ललियाना सहित कई गांवों में सब्जी की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इस बर्बादी के कारण मंडियों में सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है। अधिकतर किसान सब्जी की खेती पर निर्भर थे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
हरसिया, चमरावल, ललियाना, गौना, रटौल और सरफाबाद जैसे गांवों के करीब 30 फीसदी किसान सब्जी की खेती करते हैं। इन क्षेत्रों में पांच हजार बीघा से अधिक जमीन पर सब्जी उगाई जाती थी। फसलें बर्बाद होने से बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, लोनी, गाजियाबाद, दिल्ली और सोनीपत जैसी मंडियों में सब्जियों की आवक रुक गई है। आवक न होने के कारण सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। किसान जाकिर, मुन्ना, आबिद, अशोक और मुकेश ने बताया कि उन्होंने ठेके पर जमीन लेकर तोरई, टमाटर, खीरा, लोकी, भिंडी, पालक और मूली जैसी फसलें उगाई थीं। हिंडन नदी ने हमारी मेहनत पर पानी फेर दिया है। अच्छी पैदावार से कर्ज उतारने की उम्मीद थी, लेकिन अब आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।
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- 30 बीघा में मूली, भिंडी व टमाटर की फसलों की पैदावार की थी। क्षेत्र से दिल्ली, गाजियाबाद, सोनीपत सहित अन्य स्थानों पर आवक होती थी, लेकिन अब यह रुक गई है। बाढ़ के कारण फसल बर्बाद हो गई है। कर्ज लेकर फसल की पैदावार की थी।- आबिद अली, सरफाबाद
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-भिंडी, तोरई, लोकी आदि की फसल बोई थी। किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी और पैदावार भी अच्छी हो रही थी। उम्मीद थी कि इस बार कर्ज उतर जाएगा और बचत होगी। हिंडन नदी ने हमारा सपना तोड़ दिया। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी की परेशानी खड़ी हो गई। -मुकेश, हरसिया
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सब्जी के दाम एक सप्ताह में बढ़े
सब्जी-पहले-अब
लोकी-40-60
टमाटर-40-50
भिंडी-40-60
बैंगन-40-60
खीरे-30-50
तोरई-30-80
टिंडा-50-80
गोभी-20-40
--
वर्जन
-राजस्व विभाग की टीम के साथ किसानों के खेतों का सर्वे किया जाएगा। सब्जी की नष्ट फसलों का रिकार्ड लेने के बाद मुआवजा के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। -बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी
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हरसिया, चमरावल, ललियाना, गौना, रटौल और सरफाबाद जैसे गांवों के करीब 30 फीसदी किसान सब्जी की खेती करते हैं। इन क्षेत्रों में पांच हजार बीघा से अधिक जमीन पर सब्जी उगाई जाती थी। फसलें बर्बाद होने से बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, लोनी, गाजियाबाद, दिल्ली और सोनीपत जैसी मंडियों में सब्जियों की आवक रुक गई है। आवक न होने के कारण सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। किसान जाकिर, मुन्ना, आबिद, अशोक और मुकेश ने बताया कि उन्होंने ठेके पर जमीन लेकर तोरई, टमाटर, खीरा, लोकी, भिंडी, पालक और मूली जैसी फसलें उगाई थीं। हिंडन नदी ने हमारी मेहनत पर पानी फेर दिया है। अच्छी पैदावार से कर्ज उतारने की उम्मीद थी, लेकिन अब आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।
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- 30 बीघा में मूली, भिंडी व टमाटर की फसलों की पैदावार की थी। क्षेत्र से दिल्ली, गाजियाबाद, सोनीपत सहित अन्य स्थानों पर आवक होती थी, लेकिन अब यह रुक गई है। बाढ़ के कारण फसल बर्बाद हो गई है। कर्ज लेकर फसल की पैदावार की थी।- आबिद अली, सरफाबाद
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-भिंडी, तोरई, लोकी आदि की फसल बोई थी। किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी और पैदावार भी अच्छी हो रही थी। उम्मीद थी कि इस बार कर्ज उतर जाएगा और बचत होगी। हिंडन नदी ने हमारा सपना तोड़ दिया। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी की परेशानी खड़ी हो गई। -मुकेश, हरसिया
सब्जी के दाम एक सप्ताह में बढ़े
सब्जी-पहले-अब
लोकी-40-60
टमाटर-40-50
भिंडी-40-60
बैंगन-40-60
खीरे-30-50
तोरई-30-80
टिंडा-50-80
गोभी-20-40
वर्जन
-राजस्व विभाग की टीम के साथ किसानों के खेतों का सर्वे किया जाएगा। सब्जी की नष्ट फसलों का रिकार्ड लेने के बाद मुआवजा के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। -बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी