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Bahraich News: निपुण संकल्प से बदलेगी प्राथमिक शिक्षा की तस्वीर
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कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते बच्चे व मौजूद अतिथि।
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बहराइच। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मंगलवार को बहराइच में ''निपुण संकल्प कार्यशाला'' आयोजित हुई। इसका उद्देश्य कक्षा तीन तक हर बच्चे को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) में दक्ष बनाना था। बहराइच, गोंडा और श्रावस्ती के शिक्षा अधिकारियों, डायट प्राचार्यों, बीईओ, एसआरजी, एआरपी तथा राज्य परियोजना कार्यालय के विशेषज्ञों ने निपुण भारत मिशन लागू करने की रणनीति बनाई।
मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता ने निपुण भारत मिशन को बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव बताया। उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों से गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर जोर दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने निपुणता को शिक्षकों और अधिकारियों की साझा जिम्मेदारी कहा। उन्होंने नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण, नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने का आह्वान किया। जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वदानंद ने मजबूत बुनियादी शिक्षा को भविष्य की शिक्षा व्यवस्था का आधार बताया।
कार्यशाला में डायट प्राचार्यों ने शिक्षक क्षमता विकास, दक्षतामूलक शिक्षण और सतत मूल्यांकन को मिशन की सफलता का आधार बताया। राज्य परियोजना कार्यालय की निपुण सेल के विशेषज्ञों ने एफएलएन, टीएलएम के प्रभावी उपयोग, डेटा आधारित योजना और विद्यालय अनुश्रवण पर तकनीकी सत्र लिए। बीईओ, एसआरजी और एआरपी ने अपने विकासखंडों के नवाचार और सफल प्रयोग साझा किए। कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने प्रत्येक बच्चे को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से दक्ष बनाने का संकल्प लिया।
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मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता ने निपुण भारत मिशन को बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव बताया। उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों से गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर जोर दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने निपुणता को शिक्षकों और अधिकारियों की साझा जिम्मेदारी कहा। उन्होंने नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण, नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने का आह्वान किया। जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वदानंद ने मजबूत बुनियादी शिक्षा को भविष्य की शिक्षा व्यवस्था का आधार बताया।
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कार्यशाला में डायट प्राचार्यों ने शिक्षक क्षमता विकास, दक्षतामूलक शिक्षण और सतत मूल्यांकन को मिशन की सफलता का आधार बताया। राज्य परियोजना कार्यालय की निपुण सेल के विशेषज्ञों ने एफएलएन, टीएलएम के प्रभावी उपयोग, डेटा आधारित योजना और विद्यालय अनुश्रवण पर तकनीकी सत्र लिए। बीईओ, एसआरजी और एआरपी ने अपने विकासखंडों के नवाचार और सफल प्रयोग साझा किए। कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने प्रत्येक बच्चे को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से दक्ष बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते बच्चे व मौजूद अतिथि।
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