बलिया। जननायक और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जन्म शताब्दी को यादगार बनाने के लिए बलिया में तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 17 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाला यह जन्म शताब्दी वर्ष 17 अप्रैल 2027 तक पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
इस दौरान जिले के विभिन्न हिस्सों में साल भर विविध कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें उनकी वैचारिक विरासत और राजनीतिक संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। देशभर में इस समारोह को भव्य रूप देने के लिए पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय समिति गठित की गई है, जिसमें बलिया के अनिल सिंह प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। रविवार को एनसीसी तिराहा स्थित एक होटल में आयोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि चंद्रशेखर जी के जन्मस्थान और कर्मभूमि होने के नाते बलिया में विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी। इसके तहत साल भर शैक्षणिक संस्थानों में निबंध, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताओं के साथ-साथ ''युवा विमर्श'' के जरिए उनके विचारों की प्रासंगिकता पर मंथन किया जाएगा।
कार्यक्रमों की अगली कड़ी में 28 मई को बापू भवन टाउन हॉल में पत्रकारों द्वारा एक विशेष गोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें चंद्रशेखर जी के सामाजिक और साहित्यिक योगदान पर चर्चा की जाएगी। वहीं, सबसे प्रमुख आकर्षण 6 जनवरी 2027 को निकलने वाली 11 किलोमीटर लंबी पदयात्रा होगी। यह पदयात्रा 6 जनवरी 1983 को उनके द्वारा शुरू की गई ऐतिहासिक भारत यात्रा की याद में चंद्रशेखर उद्यान से जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय तक निकाली जाएगी। आयोजन समिति ने आम जनमानस से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर जन्म शताब्दी वर्ष को सफल बनाने की अपील की है।