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Ballia News: खराब रैंकिंग पर अधिकारियों को फटकार, तीन दिन में ए ग्रेड का अल्टीमेटम
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बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों के अधिकारियों पर सख्ती दिखाई। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग तीन दिनों के भीतर अपनी रैंकिंग में सुधार कर उसे ए श्रेणी में लाएं। उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खराब प्रदर्शन पर जवाबदेही तय होगी।
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना तथा आईसीडीएस (पोषण अभियान) की रैंकिंग सी श्रेणी में पाई गई। वहीं लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़कों के निर्माण कार्य की रैंकिंग डी श्रेणी में रही। मंडी एवं स्टांप-बैनामे की रैंकिंग भी सी श्रेणी में दर्ज की गई। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना, फैमिली आईडी, नई सड़कों का निर्माण, कृषि दुर्घटना कल्याण योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना (शहरी) तथा खनन विभाग की रैंकिंग बी श्रेणी में रही।
लंबित परियोजनाओं पर भी नाराजगी
विभिन्न विभागों की लंबित परियोजनाओं पर भी नाराजगी जताई गई। सिंचाई विभाग की पांच, पर्यटन विभाग की दो, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की एक, यूपीपीसीएल की दो, आवास विकास परिषद की एक, उत्तर प्रदेश सिडको की एक तथा उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लिमिटेड की तीन परियोजनाएं अधूरी मिलीं।
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समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना तथा आईसीडीएस (पोषण अभियान) की रैंकिंग सी श्रेणी में पाई गई। वहीं लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़कों के निर्माण कार्य की रैंकिंग डी श्रेणी में रही। मंडी एवं स्टांप-बैनामे की रैंकिंग भी सी श्रेणी में दर्ज की गई। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना, फैमिली आईडी, नई सड़कों का निर्माण, कृषि दुर्घटना कल्याण योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना (शहरी) तथा खनन विभाग की रैंकिंग बी श्रेणी में रही।
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लंबित परियोजनाओं पर भी नाराजगी
विभिन्न विभागों की लंबित परियोजनाओं पर भी नाराजगी जताई गई। सिंचाई विभाग की पांच, पर्यटन विभाग की दो, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम की एक, यूपीपीसीएल की दो, आवास विकास परिषद की एक, उत्तर प्रदेश सिडको की एक तथा उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लिमिटेड की तीन परियोजनाएं अधूरी मिलीं।
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