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Ballia News: यूजीसी की नियमावली में बदलाव का विरोध
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यूजीसी के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते युवा।आयोजक
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बलिया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की नियमावली में बदलाव को लेकर लगातार विरोध तेज हो रहा है। बुधवार को स्थानीय कस्बे के त्रिकालपुर गांव में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल सिंह एवं ब्राह्मण स्वयं सेवक संघ के प्रदेश महासचिव राजेश मिश्रा ने विरोध जताया।
एक संयुक्त बयान में कहा कि सरकार के इस निर्णय का हमारा समाज घोर निंदा करता है। यह नियमावली सरकार के सवर्ण विरोध मानसिकता को दर्शाता है। सवर्ण समाज सरकार से मांग करता है कि तत्काल नियमों में संशोधन किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो देश का पूरा सवर्ण समाज जिस तरह से आंदोलित है इसका खामियाजा केंद्र सरकार को भुगतना पड़ेगा। इस अवसर पर आनंद सिंह, ओम प्रकाश पाण्डेय, मृत्युंजय सिंह, पंकज उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
उधर प्रस्तावित यूजीसी (संशोधन) बिल को लेकर देशभर में चल रही चर्चाओं और आशंकाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी मंडल सिकंदरपुर के अध्यक्ष आकाश तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस बिल को वापस लेने की मांग की है। आकाश तिवारी ने कहा कि यूजीसी (संशोधन) बिल के प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर देश के छात्र, शिक्षक, शिक्षाविद और विश्वविद्यालय प्रशासन वर्ग में असमंजस और चिंता का माहौल है।
यूजीसी नियम के विरोध में उतरे अधिवक्ता : यूजीसी में बदलाव के खिलाफ सिविल कोर्ट से कलेक्ट्रेट अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बिना अपराध किये ही सामान्य वर्ग के छात्र छात्राओं को अपराधी वर्ग में शामिल करने वाला नया नियम संवैधानिक अधिकारों का हनन करने वाला है। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम का पत्रक जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा।
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एक संयुक्त बयान में कहा कि सरकार के इस निर्णय का हमारा समाज घोर निंदा करता है। यह नियमावली सरकार के सवर्ण विरोध मानसिकता को दर्शाता है। सवर्ण समाज सरकार से मांग करता है कि तत्काल नियमों में संशोधन किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो देश का पूरा सवर्ण समाज जिस तरह से आंदोलित है इसका खामियाजा केंद्र सरकार को भुगतना पड़ेगा। इस अवसर पर आनंद सिंह, ओम प्रकाश पाण्डेय, मृत्युंजय सिंह, पंकज उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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उधर प्रस्तावित यूजीसी (संशोधन) बिल को लेकर देशभर में चल रही चर्चाओं और आशंकाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी मंडल सिकंदरपुर के अध्यक्ष आकाश तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस बिल को वापस लेने की मांग की है। आकाश तिवारी ने कहा कि यूजीसी (संशोधन) बिल के प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर देश के छात्र, शिक्षक, शिक्षाविद और विश्वविद्यालय प्रशासन वर्ग में असमंजस और चिंता का माहौल है।
यूजीसी नियम के विरोध में उतरे अधिवक्ता : यूजीसी में बदलाव के खिलाफ सिविल कोर्ट से कलेक्ट्रेट अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बिना अपराध किये ही सामान्य वर्ग के छात्र छात्राओं को अपराधी वर्ग में शामिल करने वाला नया नियम संवैधानिक अधिकारों का हनन करने वाला है। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम का पत्रक जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा।
