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Balrampur News: 38 साल का इंतजार खत्म, तुलसीपुर में बनेगा बस टर्मिनल
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 07 Apr 2026 11:22 PM IST
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फोटो-18-बलरामपुर के तुलसीपुर में रोडवेज बस स्टेशन के लिए चिह्नित जमीन ।-संवाद
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तुलसीपुर। क्षेत्र वासियों का दशकों पुराना सपना अब साकार होने जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में तुलसीपुर में आधुनिक रोडवेज बस अड्डे के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई बैठक में बस टर्मिनल के लिए भूमि के नि:शुल्क हस्तांतरण के प्रस्ताव पर मुहर लगते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रशासन का कहना है कि अब निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है और जल्द ही जमीन परिवहन निगम को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
तुलसीपुर को वर्ष 1987 में तहसील का दर्जा मिलने के बाद से ही यहां स्थायी रोडवेज बस अड्डे की मांग उठती रही है। लंबे समय से यात्री खुले में बसों का इंतजार करने को मजबूर थे। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पास चिन्हित करीब 25 बीघा जमीन पर बस स्टेशन बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए प्रदेश कैबिनेट से 26.12 करोड़ रुपये की लागत को मंजूरी मिल चुकी है। कैबिनेट के फैसले का स्वागत करते हुए व्यापारी अनिल लाठ और विकास सोनी ने कहा कि यह निर्णय क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। डॉ. सुरैया और रूप चंद्र गुप्ता ने कहा कि अब देवीपाटन धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भटकना नहीं पड़ेगा और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। उप जिलाधिकारी राकेश कुमार जयंत ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद चयनित भूमि को परिवहन निगम को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
देवीपाटन धाम के श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा, बढ़ेगा व्यापार
शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर परिक्षेत्र में बनने वाला यह बस टर्मिनल धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देवीपाटन धाम पहुंचते हैं, लेकिन बस अड्डे के अभाव में उन्हें सड़क किनारे इंतजार करना पड़ता है। नए बस टर्मिनल के निर्माण से यात्रियों को बैठने, टिकट, पेयजल, शौचालय और पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। बस टर्मिनल बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण तुलसीपुर का सामरिक और व्यावसायिक महत्व बढ़ जाएगा। दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, मुंबई सहित अन्य शहरों के लिए नियमित बस संचालन की सुविधा विकसित होगी। इससे डग्गामार वाहनों पर निर्भरता कम होगी और यात्रियों को सुरक्षित व व्यवस्थित परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही बस अड्डे के आसपास होटल, दुकानों और अन्य व्यवसायों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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खबर का सीएम ने लिया था संज्ञान, शुरू हुई थी कवायद
वर्ष 2025 में अमर उजाला ने तुलसीपुर में बस अड्डे के निर्माण की जरूरत का मुद्दा उठाया। 18 मार्च 2025 के अंक में 38 वर्ष से तुलसीपुर में बस स्टेशन बनने का इंतजार शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया और 20 मार्च 2025 को भूमि की तलाश शुरू हुई। इसकी जानकारी तीन अप्रैल 2025 को क्षेत्रीय प्रबंधक देवीपाटन क्षेत्र अरविंद कुमार ने दी। खबर पर मुख्यमंत्री के संदर्भ का हवाला देते हुए पंजीकृत डाक से पत्र भेजा। इसी खबर चार अप्रैल के अंक में प्रकाशित की गई। इसके बाद समय-समय पर चल रही कवायद की खबरें प्रकाशित हुईं। जिससे आम लोगों की उम्मीदें बढ़ गईं हैं। बस स्टेशन स्थापना की मुहिम के एक वर्ष बाद आखिरकार कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। इससे लोगों में उत्साह है।
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तुलसीपुर को वर्ष 1987 में तहसील का दर्जा मिलने के बाद से ही यहां स्थायी रोडवेज बस अड्डे की मांग उठती रही है। लंबे समय से यात्री खुले में बसों का इंतजार करने को मजबूर थे। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पास चिन्हित करीब 25 बीघा जमीन पर बस स्टेशन बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए प्रदेश कैबिनेट से 26.12 करोड़ रुपये की लागत को मंजूरी मिल चुकी है। कैबिनेट के फैसले का स्वागत करते हुए व्यापारी अनिल लाठ और विकास सोनी ने कहा कि यह निर्णय क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। डॉ. सुरैया और रूप चंद्र गुप्ता ने कहा कि अब देवीपाटन धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भटकना नहीं पड़ेगा और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। उप जिलाधिकारी राकेश कुमार जयंत ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद चयनित भूमि को परिवहन निगम को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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देवीपाटन धाम के श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा, बढ़ेगा व्यापार
शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर परिक्षेत्र में बनने वाला यह बस टर्मिनल धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देवीपाटन धाम पहुंचते हैं, लेकिन बस अड्डे के अभाव में उन्हें सड़क किनारे इंतजार करना पड़ता है। नए बस टर्मिनल के निर्माण से यात्रियों को बैठने, टिकट, पेयजल, शौचालय और पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। बस टर्मिनल बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण तुलसीपुर का सामरिक और व्यावसायिक महत्व बढ़ जाएगा। दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, मुंबई सहित अन्य शहरों के लिए नियमित बस संचालन की सुविधा विकसित होगी। इससे डग्गामार वाहनों पर निर्भरता कम होगी और यात्रियों को सुरक्षित व व्यवस्थित परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही बस अड्डे के आसपास होटल, दुकानों और अन्य व्यवसायों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
खबर का सीएम ने लिया था संज्ञान, शुरू हुई थी कवायद
वर्ष 2025 में अमर उजाला ने तुलसीपुर में बस अड्डे के निर्माण की जरूरत का मुद्दा उठाया। 18 मार्च 2025 के अंक में 38 वर्ष से तुलसीपुर में बस स्टेशन बनने का इंतजार शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया और 20 मार्च 2025 को भूमि की तलाश शुरू हुई। इसकी जानकारी तीन अप्रैल 2025 को क्षेत्रीय प्रबंधक देवीपाटन क्षेत्र अरविंद कुमार ने दी। खबर पर मुख्यमंत्री के संदर्भ का हवाला देते हुए पंजीकृत डाक से पत्र भेजा। इसी खबर चार अप्रैल के अंक में प्रकाशित की गई। इसके बाद समय-समय पर चल रही कवायद की खबरें प्रकाशित हुईं। जिससे आम लोगों की उम्मीदें बढ़ गईं हैं। बस स्टेशन स्थापना की मुहिम के एक वर्ष बाद आखिरकार कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। इससे लोगों में उत्साह है।