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Balrampur News: देवीपाटन मेले में शाही हलवा और मुगलिया पराठे की धूम
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 07 Apr 2026 11:17 PM IST
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फोटो-10-बलरामपुर के देवीपाटन मेले में शाही हलवा और मुगलिया पराठा खरीदते लोग।-संवाद
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तुलसीपुर। शक्तिपीठ देवीपाटन की पावन धरती पर चैत्र नवरात्र के अवसर पर लगने वाले प्रसिद्ध मेले में इस बार भी सांप्रदायिक सौहार्द और स्वाद का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। मां के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की पसंद शाही हलवा और मुगलिया पराठा बन गए हैं। इन खास व्यंजनों की दुकानों पर सुबह से देर रात तक भारी भीड़ उमड़ रही है।
मेले में दो पीढ़ियों से दुकान सजा रहे दुकानदार सदाकत अली बताते हैं कि यह परंपरा उनके वालिद के जमाने से चली आ रही है। कहा कि उनके लिए यह केवल व्यापार नहीं बल्कि विरासत है, जिसे वह हर साल देवीपाटन की धरती पर लेकर आते हैं। एक अन्य दुकानदार ने बताया कि मुगलिया पराठे की सोंधी खुशबू और शाही हलवे का मीठा स्वाद लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। श्रद्धालु इनका स्वाद लेने के साथ इन्हें अपने साथ ले जाना नहीं भूलते। श्रद्धालु राम मनोहर ने बताया कि मां के दर्शन के बाद इन खास व्यंजनों का आनंद लेना आदत बन गई है। कहा कि यह स्वाद केवल देवीपाटन मेले में ही मिलता है।
साझा संस्कृति का प्रतीक है देवीपाटन मेला
मेलार्थी अरशद ने कहा कि देवीपाटन मेला साझा संस्कृति और भाईचारे की मिसाल है। यहां सभी धर्मों के लोग एक साथ मिलकर न केवल व्यापार करते हैं बल्कि एक-दूसरे की खुशियों में भी शामिल होते हैं। मां के जयकारों और कड़ाही में बनते पराठों की खुशबू से पूरा मेला क्षेत्र उत्सव के रंग में सराबोर नजर आ रहा है।
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मेले में दो पीढ़ियों से दुकान सजा रहे दुकानदार सदाकत अली बताते हैं कि यह परंपरा उनके वालिद के जमाने से चली आ रही है। कहा कि उनके लिए यह केवल व्यापार नहीं बल्कि विरासत है, जिसे वह हर साल देवीपाटन की धरती पर लेकर आते हैं। एक अन्य दुकानदार ने बताया कि मुगलिया पराठे की सोंधी खुशबू और शाही हलवे का मीठा स्वाद लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। श्रद्धालु इनका स्वाद लेने के साथ इन्हें अपने साथ ले जाना नहीं भूलते। श्रद्धालु राम मनोहर ने बताया कि मां के दर्शन के बाद इन खास व्यंजनों का आनंद लेना आदत बन गई है। कहा कि यह स्वाद केवल देवीपाटन मेले में ही मिलता है।
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साझा संस्कृति का प्रतीक है देवीपाटन मेला
मेलार्थी अरशद ने कहा कि देवीपाटन मेला साझा संस्कृति और भाईचारे की मिसाल है। यहां सभी धर्मों के लोग एक साथ मिलकर न केवल व्यापार करते हैं बल्कि एक-दूसरे की खुशियों में भी शामिल होते हैं। मां के जयकारों और कड़ाही में बनते पराठों की खुशबू से पूरा मेला क्षेत्र उत्सव के रंग में सराबोर नजर आ रहा है।