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Balrampur News: गेहूं के खेत में मिले फिशिंग कैट के तीन शावक
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 07 Apr 2026 11:20 PM IST
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फोटो-21-बलरामपुर के गनेशपुर गांव के पास खेत में मिला फिशिंग कैट।-संवाद
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ललिया। थाना क्षेत्र के गनेशपुर गांव में मंगलवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब गेहूं के खेत में दुर्लभ प्रजाति फिशिंग कैट के तीन शावक दिखाई दिए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी।
मंगलवार सुबह करीब आठ बजे किसान सियाराम यादव खेत में गेहूं की कटाई के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में बैठे तीन छोटे शावकों पर पड़ी। अचानक सामने आए जंगली शावकों को देखकर वह घबरा गए और शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते खेत के आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। पूर्व प्रधान प्रतिनिधि ओंकार तिवारी ने वन विभाग को जानकारी दी। बताया कि शावक गांव से लगभग 500 मीटर दूर माइनर नहर के किनारे पाए गए हैं। यह नहर अमवा मुख्य नहर से निकलकर मदरहवा, गनेशपुर सहित कई गांवों तक जाती है, जिससे क्षेत्र में नमी बनी रहती है और जंगली जीवों की मौजूदगी की संभावना बढ़ जाती है।
वनकटवा रेंज के रेंजर सत्रोहन लाल ने बताया कि मिले शावक फिशिंग कैट के हैं, जो संरक्षित और दुर्लभ जंगली बिल्ली प्रजाति मानी जाती है। वन विभाग की टीम शावकों पर लगातार नजर बनाए हुए है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि शावकों के पास न जाएं, दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें, ताकि शावकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। दुर्लभ फिशिंग कैट के शावकों के मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है, वहीं वन विभाग पूरी तरह सतर्क होकर शावकों की सुरक्षा में जुट गया है।
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मंगलवार सुबह करीब आठ बजे किसान सियाराम यादव खेत में गेहूं की कटाई के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में बैठे तीन छोटे शावकों पर पड़ी। अचानक सामने आए जंगली शावकों को देखकर वह घबरा गए और शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते खेत के आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। पूर्व प्रधान प्रतिनिधि ओंकार तिवारी ने वन विभाग को जानकारी दी। बताया कि शावक गांव से लगभग 500 मीटर दूर माइनर नहर के किनारे पाए गए हैं। यह नहर अमवा मुख्य नहर से निकलकर मदरहवा, गनेशपुर सहित कई गांवों तक जाती है, जिससे क्षेत्र में नमी बनी रहती है और जंगली जीवों की मौजूदगी की संभावना बढ़ जाती है।
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वनकटवा रेंज के रेंजर सत्रोहन लाल ने बताया कि मिले शावक फिशिंग कैट के हैं, जो संरक्षित और दुर्लभ जंगली बिल्ली प्रजाति मानी जाती है। वन विभाग की टीम शावकों पर लगातार नजर बनाए हुए है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि शावकों के पास न जाएं, दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें, ताकि शावकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। दुर्लभ फिशिंग कैट के शावकों के मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है, वहीं वन विभाग पूरी तरह सतर्क होकर शावकों की सुरक्षा में जुट गया है।