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Balrampur News: मुंबई से लौटने के एक सप्ताह बाद उजड़ गया बजरंग का परिवार
Fri, 31 Jul 2026 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:29 PM IST
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फाइल फोटो बजरंगी गिरी
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बलरामपुर। कोतवाली देहात क्षेत्र के झौहना गांव के गोसाई पुरवा में शुक्रवार शाम हुई दर्दनाक वारदात ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया। महज एक सप्ताह पहले मुंबई से गांव लौटे 28 वर्षीय बजरंग गिरी का हंसता-खेलता परिवार कुछ ही पलों में खत्म हो गया। अब न पत्नी कोमल (25) की आवाज सुनाई देगी, न तीन वर्षीय बेटी श्रद्धा की चहलकदमी और न ही 10 माह के मासूम जयदीप की किलकारियां। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है।
ग्रामीणों के अनुसार बजरंग गिरी तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दोनों बड़े भाई पिछले करीब 15 वर्षों से मुंबई में ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते हैं और वहीं परिवार के साथ रहते हैं। करीब एक माह पहले बजरंग भी भाइयों से मिलने मुंबई गए थे और सप्ताहभर पहले ही गांव लौटे थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि घर लौटने के कुछ दिन बाद ही ऐसा हादसा हो जाएगा।
छोटे भाई राम कुमार ने बताया कि कोमल गृहिणी थीं। तीन वर्षीय श्रद्धा पूरे दिन घर के बाहर खेलती रहती थी, जबकि 10 माह के जयदीप को गोद में खिलाने के लिए पड़ोस की महिलाएं भी अक्सर पहुंच जाती थीं। बच्चों की किलकारियों से गूंजने वाला घर अब सन्नाटे में डूब गया है। घटना के बाद घर के बाहर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही सवाल था कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे पूरा परिवार खत्म हो गया।
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ग्रामीणों को करीब एक माह पहले की वह घटना भी याद आ रही है, जब घर के बरामदे में खड़ी स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई थी। वाहन पूरी तरह जल गया था, लेकिन आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका था। चार मौतों के बाद गांव में उस घटना की भी चर्चा है। हालांकि पुलिस फिलहाल दोनों घटनाओं को जोड़कर नहीं देख रही है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बजरंग के मुंबई प्रवास, मोबाइल फोन, पारिवारिक संबंधों, आर्थिक गतिविधियों और अन्य सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। गांव के बुजुर्ग राजकरन ने कहा कि एक साथ पूरे परिवार को इस तरह उजड़ते पहली बार देखा है।
देर रात पहुंचे डीआईजी, पूरी रात गांव में डटे रहे एसपी
चार लोगों की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार देर रात तक घटनास्थल पर मौजूद रहकर जांच की निगरानी करते रहे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए, जबकि अधिकारियों को हर पहलू की गहन जांच के निर्देश दिए गए। देर रात देवीपाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ल भी गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की प्रगति की जानकारी ली।
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ग्रामीणों के अनुसार बजरंग गिरी तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दोनों बड़े भाई पिछले करीब 15 वर्षों से मुंबई में ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते हैं और वहीं परिवार के साथ रहते हैं। करीब एक माह पहले बजरंग भी भाइयों से मिलने मुंबई गए थे और सप्ताहभर पहले ही गांव लौटे थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि घर लौटने के कुछ दिन बाद ही ऐसा हादसा हो जाएगा।
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छोटे भाई राम कुमार ने बताया कि कोमल गृहिणी थीं। तीन वर्षीय श्रद्धा पूरे दिन घर के बाहर खेलती रहती थी, जबकि 10 माह के जयदीप को गोद में खिलाने के लिए पड़ोस की महिलाएं भी अक्सर पहुंच जाती थीं। बच्चों की किलकारियों से गूंजने वाला घर अब सन्नाटे में डूब गया है। घटना के बाद घर के बाहर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही सवाल था कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे पूरा परिवार खत्म हो गया।
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ग्रामीणों को करीब एक माह पहले की वह घटना भी याद आ रही है, जब घर के बरामदे में खड़ी स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई थी। वाहन पूरी तरह जल गया था, लेकिन आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका था। चार मौतों के बाद गांव में उस घटना की भी चर्चा है। हालांकि पुलिस फिलहाल दोनों घटनाओं को जोड़कर नहीं देख रही है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बजरंग के मुंबई प्रवास, मोबाइल फोन, पारिवारिक संबंधों, आर्थिक गतिविधियों और अन्य सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। गांव के बुजुर्ग राजकरन ने कहा कि एक साथ पूरे परिवार को इस तरह उजड़ते पहली बार देखा है।
देर रात पहुंचे डीआईजी, पूरी रात गांव में डटे रहे एसपी
चार लोगों की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार देर रात तक घटनास्थल पर मौजूद रहकर जांच की निगरानी करते रहे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए, जबकि अधिकारियों को हर पहलू की गहन जांच के निर्देश दिए गए। देर रात देवीपाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ल भी गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की प्रगति की जानकारी ली।