{"_id":"6a6ce90a938900245904c7f4","slug":"worship-at-the-guru-peeth-conveyed-a-message-of-service-and-social-harmony-balrampur-news-c-99-1-slko1019-152489-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: गुरु पीठ का पूजन कर दिया सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: गुरु पीठ का पूजन कर दिया सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश
Fri, 31 Jul 2026 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
फोटो-6-बलरामपुर के तुलसीपुर में महंत को टीका लाकर आशीर्वाद लेते लोग ।-संवाद
- फोटो : Infections on the rise among people due to the change in weather
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तुलसीपुर। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में गुरु पर्व के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धा और आस्था का वातावरण रहा। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पीठाधीश्वर महंत मिथलेशनाथ योगी ने गुरु पीठ का विधि-विधान से पूजन, आरती और मां आदिशक्ति पाटेश्वरी की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद वह परंपरा के अनुसार पीठाधीश्वर गद्दी पर विराजमान हुए और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
गुरु गद्दी पर विराजमान होने के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महंत मिथलेशनाथ योगी का पूजन कर चरण स्पर्श किए और दक्षिणा अर्पित की। युवा संत सर्वेश जी महाराज समेत अन्य संत-महात्माओं ने भी तिलक व पूजन कर गुरु-परंपरा का निर्वहन किया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
पीठाधीश्वर महंत मिथलेशनाथ योगी ने कहा कि मानव सेवा ही सच्ची गुरु भक्ति है। उन्होंने दरिद्र, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सेवा को ईश्वर की सच्ची आराधना बताते हुए समाज में सद्भाव, स्वच्छता और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य को अज्ञान से निकालकर सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
विज्ञापन
पंडित मातेश्वरी प्रसाद ने कहा कि गुरु पूर्णिमा सनातन संस्कृति की गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक है। गुरु का आशीर्वाद ही मनुष्य को जीवन में सही दिशा प्रदान करता है। दिनभर वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं ने गुरु पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण सिंह विक्की, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल लाठ, मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) अरुण गुप्ता, श्याम तिवारी, रितेश दुबे, पंकज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन
गुरु गद्दी पर विराजमान होने के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महंत मिथलेशनाथ योगी का पूजन कर चरण स्पर्श किए और दक्षिणा अर्पित की। युवा संत सर्वेश जी महाराज समेत अन्य संत-महात्माओं ने भी तिलक व पूजन कर गुरु-परंपरा का निर्वहन किया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
विज्ञापन
पीठाधीश्वर महंत मिथलेशनाथ योगी ने कहा कि मानव सेवा ही सच्ची गुरु भक्ति है। उन्होंने दरिद्र, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सेवा को ईश्वर की सच्ची आराधना बताते हुए समाज में सद्भाव, स्वच्छता और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य को अज्ञान से निकालकर सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
विज्ञापन
पंडित मातेश्वरी प्रसाद ने कहा कि गुरु पूर्णिमा सनातन संस्कृति की गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक है। गुरु का आशीर्वाद ही मनुष्य को जीवन में सही दिशा प्रदान करता है। दिनभर वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं ने गुरु पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण सिंह विक्की, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल लाठ, मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) अरुण गुप्ता, श्याम तिवारी, रितेश दुबे, पंकज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।