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Balrampur News: बघेलखंड जलाशय के सुंदरीकरण में नहरों, पुलों व कुलाबों की उपेक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 31 Jan 2026 11:17 PM IST
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जरवा के चित्तौड़गढ़ बांध का जर्जर कुलाबा। संवाद
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जरवा। चित्तौड़गढ़ बांध निर्माण खंड बीते दो वर्षों से बघेलखंड जलाशय का सात करोड़ की लागत से सुंदरीकरण कर रहा है। निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है, लेकिन जलाशय की नहरों, कुलाबों (सिंचाई के लिए छोटी नाली) और पुल पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों ने जलाशय के सुंदरीकरण के साथ नहरों, पुलों व कुलाबों की मरम्मत की मांग की है।
क्षेत्रीय किसान राजाबाबू, गोवर्धन, जगदीश, बेला, हनुमान, मुस्तकीम, अजीज, रफीक आदि ने बताया कि जलाशय के सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है, लेकिन इसके आगे किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। जब बरसात व पहाड़ों के बहाव का पानी जलाशय में ज्यादा मात्रा में एकत्रित हो जाएगा तो पानी नहर में छोड़ना पड़ेगा। नहरों की स्थिति जर्जर होने के कारण सारा पानी खेतों और गांव में भर जाएगा, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचेगा।
मुख्य नहर का पुल टूटा तो कहीं कुलाबा क्षतिग्रस्त
ग्राम चैनपुर बड़ेरिया प्रधान अरविंद पांडेय ने बताया कि मुख्य नहर का पुल चैनपुर, गोपालपुर, बड़ेरिया व सोनपुर धुतकहवा का कुलाबा टूटा व बंद है। जब पानी उफान मारता है, तब किनारे से होकर पानी आगे बढ़ता है। मकुनहवा के पास नहर में 15 वर्ष से पानी नहीं जाने से किसान नहर में ही खेती करने लगे हैं। नवानगर का कुलाबा व चकनाली भी मरम्मत के अभाव में बंद है। इस कारण सिंचाई में ज्यादा पैसा लग रहा है। किसानों ने नहर की मरम्मत, टूटे पुल का निर्माण और कुलाबों की मरम्मत आदि कराने की मांग जिलाधिकारी से की है।
जल्द कराई जाएगी मरम्मत
बघेलखंड परियोजना के सहायक अभियंता इमरान आलम ने बताया कि इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है। जल्दी ही नहरों व कुलाबों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
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क्षेत्रीय किसान राजाबाबू, गोवर्धन, जगदीश, बेला, हनुमान, मुस्तकीम, अजीज, रफीक आदि ने बताया कि जलाशय के सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है, लेकिन इसके आगे किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। जब बरसात व पहाड़ों के बहाव का पानी जलाशय में ज्यादा मात्रा में एकत्रित हो जाएगा तो पानी नहर में छोड़ना पड़ेगा। नहरों की स्थिति जर्जर होने के कारण सारा पानी खेतों और गांव में भर जाएगा, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचेगा।
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मुख्य नहर का पुल टूटा तो कहीं कुलाबा क्षतिग्रस्त
ग्राम चैनपुर बड़ेरिया प्रधान अरविंद पांडेय ने बताया कि मुख्य नहर का पुल चैनपुर, गोपालपुर, बड़ेरिया व सोनपुर धुतकहवा का कुलाबा टूटा व बंद है। जब पानी उफान मारता है, तब किनारे से होकर पानी आगे बढ़ता है। मकुनहवा के पास नहर में 15 वर्ष से पानी नहीं जाने से किसान नहर में ही खेती करने लगे हैं। नवानगर का कुलाबा व चकनाली भी मरम्मत के अभाव में बंद है। इस कारण सिंचाई में ज्यादा पैसा लग रहा है। किसानों ने नहर की मरम्मत, टूटे पुल का निर्माण और कुलाबों की मरम्मत आदि कराने की मांग जिलाधिकारी से की है।
जल्द कराई जाएगी मरम्मत
बघेलखंड परियोजना के सहायक अभियंता इमरान आलम ने बताया कि इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है। जल्दी ही नहरों व कुलाबों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
