{"_id":"6a2af88113653c9d0c08b85c","slug":"childrens-tribal-art-is-flourishing-at-the-tharu-workshop-balrampur-news-c-99-1-brp1010-149830-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: थारू कार्यशाला में निखर रही बच्चों की जनजातीय कला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: थारू कार्यशाला में निखर रही बच्चों की जनजातीय कला
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:33 PM IST
विज्ञापन
फोटो-24-बलरामपुर के मोहकमपुर जरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में थारू चित्रकला कार्यशाला में मौजू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जरवा। थारू जनजाति की विलुप्त होती पारंपरिक कला और परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से मोहकमपुर जरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में 10 दिवसीय थारू चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान और जनजाति कला एवं विकास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में कक्षा एक से 12 तक के स्थानीय छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला में लोक कलाकार एवं थारू चित्रकला विशेषज्ञ आशा चौधरी, लक्ष्मी चौधरी व साध्वी चौधरी बच्चों को थारू समाज के प्रकृति प्रेम, देवी-देवताओं और दैनिक जीवन से जुड़ी पारंपरिक चित्रकला की बारीकियां सिखा रही हैं। थारू समाज की पारंपरिक जीवनशैली और संस्कृति से जुड़ी चित्रकलाओं का प्रशिक्षण दे रही हैं। छात्र प्राकृतिक दृश्य, वडिया, ढकिया, मौनी जैसी गृह उपयोगी वस्तुओं की आकृतियां, सिर पर लकड़ी लेकर घर जाती महिला तथा बैलों से खेत की जुताई करते किसान जैसे पारंपरिक विषयों को चार्ट पेपर पर उकेर रहे हैं। कार्यशाला में संजू चौधरी, करिश्मा, रागनी, मनीषा, चांदनी, अमृता, कंचन, वंदना, मोनिका, सलोनी, पूजा, संध्या, मनाली, ज्योति, सुष्मिता और अंजलि समेत सैकड़ों छात्राएं भाग ले रही हैं।
कार्यशाला में लोक कलाकार एवं थारू चित्रकला विशेषज्ञ आशा चौधरी, लक्ष्मी चौधरी व साध्वी चौधरी बच्चों को थारू समाज के प्रकृति प्रेम, देवी-देवताओं और दैनिक जीवन से जुड़ी पारंपरिक चित्रकला की बारीकियां सिखा रही हैं। थारू समाज की पारंपरिक जीवनशैली और संस्कृति से जुड़ी चित्रकलाओं का प्रशिक्षण दे रही हैं। छात्र प्राकृतिक दृश्य, वडिया, ढकिया, मौनी जैसी गृह उपयोगी वस्तुओं की आकृतियां, सिर पर लकड़ी लेकर घर जाती महिला तथा बैलों से खेत की जुताई करते किसान जैसे पारंपरिक विषयों को चार्ट पेपर पर उकेर रहे हैं। कार्यशाला में संजू चौधरी, करिश्मा, रागनी, मनीषा, चांदनी, अमृता, कंचन, वंदना, मोनिका, सलोनी, पूजा, संध्या, मनाली, ज्योति, सुष्मिता और अंजलि समेत सैकड़ों छात्राएं भाग ले रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन