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Balrampur News: चार घंटे पहले चेताया, फिर भी नहीं लगी बैरिकेडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:36 PM IST
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फोटो-17-बलरामपुर के बेलहा गांव के पास की गई बेरिकेडिंग ।-संवाद
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बलरामपुर। बेलहा-गौरा मार्ग पर निर्माणाधीन पुल से गिरकर पुलिस भर्ती अभ्यर्थी के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने निर्माण एजेंसी और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे से करीब चार घंटे पहले ही ठेकेदार के प्रतिनिधि को संभावित दुर्घटना के प्रति आगाह किया गया था, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए।
हादसे के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंचे और ठेकेदार की लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों के आक्रोश के बाद निर्माण एजेंसी ने पुल के आसपास बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा प्रबंध शुरू कराए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई होती तो यह हादसा टल सकता था।
ग्रामीण सज्जाद, हाफिज, ताजुल, राकेश, चंद्रभूषण और अविनाश ने बताया कि पुल निर्माण के दौरान लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। कई शिकायतों के बावजूद न तो मजबूत बैरिकेडिंग लगाई गई और न ही रात में दिखने वाले चेतावनी संकेत लगाए गए। गांव निवासी मोहम्मद तौफीक का कहना है कि हादसे से करीब चार घंटे पहले उन्होंने ठेकेदार के मुंशी दिव्यांशु को संभावित दुर्घटना की चेतावनी दी थी। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही एक स्कॉर्पियो वाहन यहां दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा था। इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने लापरवाह लोगों पर कार्रवाई, निर्माण कार्य की जांच और घायल युवक के इलाज का पूरा खर्च निर्माण एजेंसी से दिलाने की मांग की है।
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घायल शुभंकर का लखनऊ में चल रहा इलाज
निर्माणाधीन पुल से गिरकर घायल हुए सिद्धार्थनगर निवासी पुलिस भर्ती अभ्यर्थी शुभांकर सिंह का लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार उनकी हालत पहले से बेहतर है और डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है।
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- जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कराई जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उस पर कार्रवाई होगी।
राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी
हादसे के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंचे और ठेकेदार की लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों के आक्रोश के बाद निर्माण एजेंसी ने पुल के आसपास बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा प्रबंध शुरू कराए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई होती तो यह हादसा टल सकता था।
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ग्रामीण सज्जाद, हाफिज, ताजुल, राकेश, चंद्रभूषण और अविनाश ने बताया कि पुल निर्माण के दौरान लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। कई शिकायतों के बावजूद न तो मजबूत बैरिकेडिंग लगाई गई और न ही रात में दिखने वाले चेतावनी संकेत लगाए गए। गांव निवासी मोहम्मद तौफीक का कहना है कि हादसे से करीब चार घंटे पहले उन्होंने ठेकेदार के मुंशी दिव्यांशु को संभावित दुर्घटना की चेतावनी दी थी। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही एक स्कॉर्पियो वाहन यहां दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा था। इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने लापरवाह लोगों पर कार्रवाई, निर्माण कार्य की जांच और घायल युवक के इलाज का पूरा खर्च निर्माण एजेंसी से दिलाने की मांग की है।
घायल शुभंकर का लखनऊ में चल रहा इलाज
निर्माणाधीन पुल से गिरकर घायल हुए सिद्धार्थनगर निवासी पुलिस भर्ती अभ्यर्थी शुभांकर सिंह का लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार उनकी हालत पहले से बेहतर है और डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है।
- जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कराई जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उस पर कार्रवाई होगी।
राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी

फोटो-17-बलरामपुर के बेलहा गांव के पास की गई बेरिकेडिंग ।-संवाद