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Balrampur News: पांच चिकित्सक और 12 कर्मचारी मिले अनुपस्थित, रोका वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 27 May 2026 11:13 PM IST
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फोटो-36- संयुक्त जिला चिकित्सालय का निरीक्षण करते सीएमओ। स्रोत विभाग
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बलरामपुर। स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बुधवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पांच चिकित्सक और 12 कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले। सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए सभी का वेतन रोकने का निर्देश सीएमएस को दिया है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों के देर से आने व जल्दी जाने की आदत बन गई है। ओपीडी में गायब रहने के संबंध में अमर उजाला ने 20 मई के अंक में ओपीडी में देर से आते हैं चिकित्सक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में ओपीडी खाली रहने व मरीजों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया था। खबर छपने के बाद विभागीय अधिकारियों ने सख्ती दिखाई है। बुधवार को सीएमओ ने संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओपीडी, लैब, लेबर रूम व वार्ड का निरीक्षण किया। अस्पताल की व्यवस्था, साफ-सफाई व दवा वितरण की समीक्षा की। उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने पर पांच चिकित्सक सहित 17 कर्मचारी नदारद मिले। चिकित्साधिकारी डॉ. केके बरनवाल, डॉ. सौरभ गुप्त, डॉ. पीके त्रिपाठी, डॉ. तेजवीर सिंह व डॉ. अनिल कुमार सिंह अनुपस्थित पाए गए। वहीं आठ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
सौरव कुमार सिंह, गीता पांडेय, माधुरी मिश्रा, नीलम पांडेय, अनूप तिवारी, विक्रम वर्मा, सूर्य प्रकाश जायसवाल, अटल श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक कोमल प्रसाद, फार्मासिस्ट राजेंद्र यादव, स्टाफ नर्स बदमा देवी व साक्षी मिश्रा भी ड्यूटी से गायब मिले। सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारी व चिकित्सकों का वेतन रोकने का निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजकुमार को दिया है। सीएमओ ने चिकित्सकों को किसी भी मरीज को बाहर से दवा व जांच न लिखने की हिदायत दी। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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डीएम की कार्रवाई के बाद भी नहीं सुधरे हालात
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पड़ताल करने के लिए 12 मई को खुद अस्पताल का निरीक्षण किया था। अस्पताल के निरीक्षण में आठ चिकित्सक सहित 20 से अधिक कर्मचारी बिना सूचना के ड्यूटी से गायब मिले थे। डीएम ने सभी का वेतन रोकने का निर्देश दिया था। डीएम की कार्रवाई के बाद भी अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। अब सीएमओ ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों के देर से आने व जल्दी जाने की आदत बन गई है। ओपीडी में गायब रहने के संबंध में अमर उजाला ने 20 मई के अंक में ओपीडी में देर से आते हैं चिकित्सक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में ओपीडी खाली रहने व मरीजों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया था। खबर छपने के बाद विभागीय अधिकारियों ने सख्ती दिखाई है। बुधवार को सीएमओ ने संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओपीडी, लैब, लेबर रूम व वार्ड का निरीक्षण किया। अस्पताल की व्यवस्था, साफ-सफाई व दवा वितरण की समीक्षा की। उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने पर पांच चिकित्सक सहित 17 कर्मचारी नदारद मिले। चिकित्साधिकारी डॉ. केके बरनवाल, डॉ. सौरभ गुप्त, डॉ. पीके त्रिपाठी, डॉ. तेजवीर सिंह व डॉ. अनिल कुमार सिंह अनुपस्थित पाए गए। वहीं आठ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
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सौरव कुमार सिंह, गीता पांडेय, माधुरी मिश्रा, नीलम पांडेय, अनूप तिवारी, विक्रम वर्मा, सूर्य प्रकाश जायसवाल, अटल श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक कोमल प्रसाद, फार्मासिस्ट राजेंद्र यादव, स्टाफ नर्स बदमा देवी व साक्षी मिश्रा भी ड्यूटी से गायब मिले। सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारी व चिकित्सकों का वेतन रोकने का निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजकुमार को दिया है। सीएमओ ने चिकित्सकों को किसी भी मरीज को बाहर से दवा व जांच न लिखने की हिदायत दी। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पड़ताल करने के लिए 12 मई को खुद अस्पताल का निरीक्षण किया था। अस्पताल के निरीक्षण में आठ चिकित्सक सहित 20 से अधिक कर्मचारी बिना सूचना के ड्यूटी से गायब मिले थे। डीएम ने सभी का वेतन रोकने का निर्देश दिया था। डीएम की कार्रवाई के बाद भी अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। अब सीएमओ ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।