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Balrampur News: समूह की चक्की से बदली तकदीर, पूजा बनीं आत्मनिर्भर
Mon, 17 Aug 2026 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:48 PM IST
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सहजौरा गांव आटा चक्की चलाती पूजा।
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रेहराबाजार। स्वयं सहायता समूह अब महिलाओं को बचत के साथ रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर भी दे रहे हैं। सहजौरा गांव की पूजा देवी ने नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह की मदद से आटा चक्की, मसाला चक्की और सरसों घानी (स्पेलर) स्थापित कर स्वरोजगार शुरू किया है। उनकी इकाई से गांव की दो महिलाओं को भी काम मिला है।
समूह की अध्यक्ष पूजा देवी ने बताया कि वर्ष 2025 में नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ था। करीब दो सप्ताह पहले समूह की मदद से मशीनें लगाकर काम शुरू किया गया। वर्तमान में सुनीता और बड़का यहां काम कर रही हैं। इकाई में ग्रामीणों के लिए आटा और मसाला पिसाई के साथ सरसों से तेल निकालने की सुविधा उपलब्ध है। इससे ग्रामीणों को गांव में ही ये सेवाएं मिल रही हैं।
ब्लॉक मिशन मैनेजर अर्जुन सिंह, संतोष कुमार और ओंकार वर्मा ने बताया कि स्वयं सहायता समूह के सहयोग से पूजा देवी ने स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। समूह को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया है। यह पहल क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।
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हर माह 15 हजार रुपये तक शुद्ध लाभ
पूजा देवी ने बताया कि इकाई से हर माह करीब 20 से 25 हजार रुपये की आय हो रही है। डीजल, मजदूरी और अन्य खर्चों पर लगभग 10 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद करीब 15 हजार रुपये तक शुद्ध लाभ बचता है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों की संख्या बढ़ने के साथ कारोबार और आमदनी में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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समूह की अध्यक्ष पूजा देवी ने बताया कि वर्ष 2025 में नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ था। करीब दो सप्ताह पहले समूह की मदद से मशीनें लगाकर काम शुरू किया गया। वर्तमान में सुनीता और बड़का यहां काम कर रही हैं। इकाई में ग्रामीणों के लिए आटा और मसाला पिसाई के साथ सरसों से तेल निकालने की सुविधा उपलब्ध है। इससे ग्रामीणों को गांव में ही ये सेवाएं मिल रही हैं।
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ब्लॉक मिशन मैनेजर अर्जुन सिंह, संतोष कुमार और ओंकार वर्मा ने बताया कि स्वयं सहायता समूह के सहयोग से पूजा देवी ने स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। समूह को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया है। यह पहल क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।
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हर माह 15 हजार रुपये तक शुद्ध लाभ
पूजा देवी ने बताया कि इकाई से हर माह करीब 20 से 25 हजार रुपये की आय हो रही है। डीजल, मजदूरी और अन्य खर्चों पर लगभग 10 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद करीब 15 हजार रुपये तक शुद्ध लाभ बचता है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों की संख्या बढ़ने के साथ कारोबार और आमदनी में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।