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एमडीएम घोटाला : सभी 25 मदरसों की जांच के आदेश
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बलरामपुर में स्थित बीएसए कार्यालय।-संवाद
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बलरामपुर। बेसिक शिक्षा विभाग की मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) में करीब 11 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद शासन ने सख्ती बढ़ाई है। अब जिले के सभी 25 मदरसों की जांच की आदेश जारी किया गया है। नवंबर 2025 में हुई शुरुआती जांच में तीन मदरसों में गड़बड़ी की पुष्टि होने और जिला समन्वयक समेत 12 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह कदम उठाया गया है। अब छात्र संख्या, खाद्यान्न उठान, कन्वर्जन कॉस्ट, बैंक खातों और उपस्थिति पंजिकाओं का मिलान किया जाएगा।
नवंबर 2025 में कुछ विद्यालयों ने बीएसए से एमडीएम की कन्वर्जन कॉस्ट कम मिलने की शिकायत की थी। इसक बाद बीएसए शुभम शुक्ल ने पीएफएमएस पोर्टल पर भुगतान का मिलान कराया था। दस्तावेजों की पड़ताल में वर्ष 2021 से 2025 के बीच करीब 11 करोड़ रुपये का अनियमित भुगतान सामने आया था।
जांच में पाया गया था कि कई मदरसों और विद्यालयों में छात्र संख्या वास्तविक से अधिक दर्शाकर धनराशि निकाली जाती रही। कुछ स्थानों पर ऐसे संस्थानों को भी बजट जारी हुआ, जहां विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम थी या उपस्थिति नगण्य थी। बीएसए की तहरीर पर पुलिस ने जिला समन्वयक एमडीएम फिरोज अहमद खान समेत 44 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें तीन मदरसों के प्रधानाध्यापक, पांच ग्राम प्रधान और परिषदीय विद्यालयों के पांच प्रधानाध्यापक भी शामिल हैं।
पुलिस की विशेष टीम ने कई आरोपियों को हिरासत में लिया और अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में मदरसों और विद्यालयों से सांठगांठ कर फर्जी छात्र संख्या के आधार पर कन्वर्जन कॉस्ट निकालने की बात सामने आई है। अब अन्य मदरसों की जांच के आदेश से खलबली मची है।
खाद्यान्न उठान और वितरण के साथ बजट आवंटन में हुआ खेल
अब तक हुई जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि जिन संस्थानों को कन्वर्जन कॉस्ट जारी की गई, वहां खाद्यान्न उठान और वितरण के अभिलेख भी संदिग्ध हैं। नियमों के अनुसार खाद्यान्न वितरण के बाद ही प्रति छात्र कन्वर्जन कॉस्ट जारी होती है, लेकिन कई मामलों में बिना वास्तविक वितरण के भुगतान किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इससे खाद्यान्न आवंटन और अन्य बजट मदों में भी गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है। घोटाले की गंभीरता को देखते हुए निदेशक एमडीएम मोनिका रानी ने पूरे जिले के मदरसों में एमडीएम योजना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जिले के 25 मदरसों में यह योजना संचालित है। जांच टीम छात्र उपस्थिति, नामावली, बैंक खाते, भुगतान विवरण, खाद्यान्न स्टॉक रजिस्टर और विद्यालय स्तर पर बनाए गए अभिलेखों का मिलान करेगी। आवश्यकता पड़ने पर भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा।
जांच के मिले हैं आदेश
अनुदानित मदरसों में एमडीएम योजना संचालित है। शासन से जांच के आदेश हुए हैं। जल्द ही जांच शुरू की जाएगी। विभाग पूरा सहयोग प्रदान करेगा।
- शुभम शुक्ल, बीएसए
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नवंबर 2025 में कुछ विद्यालयों ने बीएसए से एमडीएम की कन्वर्जन कॉस्ट कम मिलने की शिकायत की थी। इसक बाद बीएसए शुभम शुक्ल ने पीएफएमएस पोर्टल पर भुगतान का मिलान कराया था। दस्तावेजों की पड़ताल में वर्ष 2021 से 2025 के बीच करीब 11 करोड़ रुपये का अनियमित भुगतान सामने आया था।
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जांच में पाया गया था कि कई मदरसों और विद्यालयों में छात्र संख्या वास्तविक से अधिक दर्शाकर धनराशि निकाली जाती रही। कुछ स्थानों पर ऐसे संस्थानों को भी बजट जारी हुआ, जहां विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम थी या उपस्थिति नगण्य थी। बीएसए की तहरीर पर पुलिस ने जिला समन्वयक एमडीएम फिरोज अहमद खान समेत 44 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें तीन मदरसों के प्रधानाध्यापक, पांच ग्राम प्रधान और परिषदीय विद्यालयों के पांच प्रधानाध्यापक भी शामिल हैं।
पुलिस की विशेष टीम ने कई आरोपियों को हिरासत में लिया और अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में मदरसों और विद्यालयों से सांठगांठ कर फर्जी छात्र संख्या के आधार पर कन्वर्जन कॉस्ट निकालने की बात सामने आई है। अब अन्य मदरसों की जांच के आदेश से खलबली मची है।
खाद्यान्न उठान और वितरण के साथ बजट आवंटन में हुआ खेल
अब तक हुई जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि जिन संस्थानों को कन्वर्जन कॉस्ट जारी की गई, वहां खाद्यान्न उठान और वितरण के अभिलेख भी संदिग्ध हैं। नियमों के अनुसार खाद्यान्न वितरण के बाद ही प्रति छात्र कन्वर्जन कॉस्ट जारी होती है, लेकिन कई मामलों में बिना वास्तविक वितरण के भुगतान किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इससे खाद्यान्न आवंटन और अन्य बजट मदों में भी गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है। घोटाले की गंभीरता को देखते हुए निदेशक एमडीएम मोनिका रानी ने पूरे जिले के मदरसों में एमडीएम योजना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जिले के 25 मदरसों में यह योजना संचालित है। जांच टीम छात्र उपस्थिति, नामावली, बैंक खाते, भुगतान विवरण, खाद्यान्न स्टॉक रजिस्टर और विद्यालय स्तर पर बनाए गए अभिलेखों का मिलान करेगी। आवश्यकता पड़ने पर भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा।
जांच के मिले हैं आदेश
अनुदानित मदरसों में एमडीएम योजना संचालित है। शासन से जांच के आदेश हुए हैं। जल्द ही जांच शुरू की जाएगी। विभाग पूरा सहयोग प्रदान करेगा।
- शुभम शुक्ल, बीएसए