{"_id":"69d542e19a1ec94fb90c73d4","slug":"no-fire-safety-measures-no-medical-arrangements-balrampur-news-c-99-1-brp1003-145897-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: आग से बचाव न दवा का इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: आग से बचाव न दवा का इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 07 Apr 2026 11:16 PM IST
विज्ञापन
फोटो-11-बलरामपुर के एमएलके पीजी कॉलेज के पास से गुजरती स्कूली वैन ।- संवाद
विज्ञापन
बलरामपुर। स्कूली बसों की देखरेख के नियमों में लापरवाही के चलते आए दिन हादसे की खबर मिलती रहती है। हादसा होने के बाद स्कूली वाहनों की व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। यदि प्रशासन व अभिभावक सख्ती दिखाएं तो स्कूल बस, वैन व मिनी बसों का संचालित निर्धारित नियमों के अनुसार हो और हादसे से भी बचा जा सके।
जिले में भी संचालित स्कूली वाहनों में शासनादेश के अनुसार नियमों का पालन नहीं हो रहा है। टॉप स्कूलों की बसों में तो सभी मानक पूरे रहते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित छोटे कॉन्वेंट स्कूलों में संचालित वैन व मिनी बसों में एक-दो मानक को छोड़कर कुछ व्यवस्था नहीं रहता है। उतरौला, तुलसीपुर व बलरामपुर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे तमाम स्कूली वाहन हैं, जिनमें जीपीसीएस, सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड बॉक्स व अग्निशमन सहित अन्य संसाधन नदारद हैं। जिले में विभागीय आंकड़ों के अनुसार 170 निजी स्कूलों में 371 छोटे-बड़े स्कूली वाहन संचालित हैं। इनमें बड़ी बसों में जीपीसीएस व सीसीटीवी कैमरे देख जा सकते हैं, लेकिन मिनी बसों व वैन में जीपीसीएस व सीसीटीवी कैमरा सहित स्पीड गवर्नर, अग्निशमन व फर्स्ट एड बॉक्स मिलना मुश्किल है। स्कूली वाहनों में सभी मानक पूरे कराने के लिए कभी-कभार परिवहन विभाग अभियान चलाकर बड़ी बसों की जांच करके कोरम पूरा कर लेता हैं। मारुति वैन व मिनी बसों की सुविधाओं की पड़ताल नहीं होती है। परिवहन विभाग की तरफ से फिटनेस व अन्य संसाधनों की कमी के लिए 32 स्कूली वाहन संचालकों को नोटिस दिया गया है। ये संचालक कब मानक पूरा करते हैं, यह बताने वाला कोई नहीं है।
स्कूल बस और कंटेनर की टक्कर से घायल हुआ था चालक
25 अगस्त 2025 को श्रीदत्तगंज क्षेत्र के उतरौला-बलरामपुर मार्ग पर पड़री रामनाथ चौराहे के पास स्कूल बस और कंटेनर की टक्कर हो गई थी। हादसे में स्कूल बस के चालक राजित राम मौर्य घायल हो गए थे। हालांकि हादसे के दौरान बस खाली थी। चालक बच्चों को घर पहुंचाकर वापस लौट रहा था। विद्यालय प्रबंधक मंजूर अहमद के मुताबिक बस को तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी थी। यदि बस में बच्चे बैठे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
नियमित होती है जांच
एआरटीओ बलरामपुर बृजेश ने बताया कि स्कूलों में संचालित छोटे-बड़े सभी वाहनों की नियमित जांच की जाती है। गाइडलाइन के अनुसार सभी मानक पूरे कराए जाते हैं। यदि किसी वैन व मिनी बस में कोई व्यवस्था नहीं तो संबंधित स्कूल प्रबंधक को नोटिस दिया जाएगा।
Trending Videos
जिले में भी संचालित स्कूली वाहनों में शासनादेश के अनुसार नियमों का पालन नहीं हो रहा है। टॉप स्कूलों की बसों में तो सभी मानक पूरे रहते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित छोटे कॉन्वेंट स्कूलों में संचालित वैन व मिनी बसों में एक-दो मानक को छोड़कर कुछ व्यवस्था नहीं रहता है। उतरौला, तुलसीपुर व बलरामपुर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे तमाम स्कूली वाहन हैं, जिनमें जीपीसीएस, सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड बॉक्स व अग्निशमन सहित अन्य संसाधन नदारद हैं। जिले में विभागीय आंकड़ों के अनुसार 170 निजी स्कूलों में 371 छोटे-बड़े स्कूली वाहन संचालित हैं। इनमें बड़ी बसों में जीपीसीएस व सीसीटीवी कैमरे देख जा सकते हैं, लेकिन मिनी बसों व वैन में जीपीसीएस व सीसीटीवी कैमरा सहित स्पीड गवर्नर, अग्निशमन व फर्स्ट एड बॉक्स मिलना मुश्किल है। स्कूली वाहनों में सभी मानक पूरे कराने के लिए कभी-कभार परिवहन विभाग अभियान चलाकर बड़ी बसों की जांच करके कोरम पूरा कर लेता हैं। मारुति वैन व मिनी बसों की सुविधाओं की पड़ताल नहीं होती है। परिवहन विभाग की तरफ से फिटनेस व अन्य संसाधनों की कमी के लिए 32 स्कूली वाहन संचालकों को नोटिस दिया गया है। ये संचालक कब मानक पूरा करते हैं, यह बताने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल बस और कंटेनर की टक्कर से घायल हुआ था चालक
25 अगस्त 2025 को श्रीदत्तगंज क्षेत्र के उतरौला-बलरामपुर मार्ग पर पड़री रामनाथ चौराहे के पास स्कूल बस और कंटेनर की टक्कर हो गई थी। हादसे में स्कूल बस के चालक राजित राम मौर्य घायल हो गए थे। हालांकि हादसे के दौरान बस खाली थी। चालक बच्चों को घर पहुंचाकर वापस लौट रहा था। विद्यालय प्रबंधक मंजूर अहमद के मुताबिक बस को तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी थी। यदि बस में बच्चे बैठे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
नियमित होती है जांच
एआरटीओ बलरामपुर बृजेश ने बताया कि स्कूलों में संचालित छोटे-बड़े सभी वाहनों की नियमित जांच की जाती है। गाइडलाइन के अनुसार सभी मानक पूरे कराए जाते हैं। यदि किसी वैन व मिनी बस में कोई व्यवस्था नहीं तो संबंधित स्कूल प्रबंधक को नोटिस दिया जाएगा।