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Balrampur News: नेपाल में बारिश से बढ़ी चिंता, राप्ती और पहाड़ी नालों से सहमे ग्रामीण
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फोटो-26-बलरामपुर के चौका कला गांव के पास कटान कर रही राप्ती नदी ।-संवाद
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बलरामपुर। नेपाल के दांग, बांके और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बीच जिले में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। राप्ती नदी के साथ नेपाल से उतरने वाले पहाड़ी नालों के किनारे बसे गांवों में खतरे की घंटी बज चुकी है। तुलसीपुर के इटैहिया के बाद अब चौका कला, गंगाबख्श भागड़ समेत कई गांवों में भी जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
नदियों और नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सिंचाई, राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग संयुक्त रूप से हालात की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जिले के निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए हर्रैया सतघरवा, पचपेड़वा, तुलसीपुर और गैसड़ी तहसीलों के संवेदनशील गांवों में विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। राप्ती नदी के किनारे बसे लालपुर, रेहरा, बेलवा, मथुरा, महादेव हरदत्तनगर, बरदौलिया, चंदनपुर और बनकटवा समेत कई गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों के अधिकारियों को बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने, संवेदनशील तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने और कटान की किसी भी सूचना को तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नावों, राहत सामग्री, दवाइयों और पशु चारे की उपलब्धता की समीक्षा की जा रही है। बाढ़ शरण स्थलों की साफ-सफाई के साथ पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इटैहिया गांव में बुधवार को बाढ़ का पानी उतर गया। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवाओं का वितरण किया और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया।
गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहीं राजस्व टीमें
राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दे रही हैं। ग्राम प्रधानों, लेखपालों और पंचायत सचिवों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग को पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं और मेडिकल टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नेपाल में लगातार बारिश होने पर राप्ती नदी और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर भरोसा करें। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और विभागीय अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
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नदियों और नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सिंचाई, राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग संयुक्त रूप से हालात की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जिले के निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
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बाढ़ की आशंका को देखते हुए हर्रैया सतघरवा, पचपेड़वा, तुलसीपुर और गैसड़ी तहसीलों के संवेदनशील गांवों में विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। राप्ती नदी के किनारे बसे लालपुर, रेहरा, बेलवा, मथुरा, महादेव हरदत्तनगर, बरदौलिया, चंदनपुर और बनकटवा समेत कई गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों के अधिकारियों को बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने, संवेदनशील तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने और कटान की किसी भी सूचना को तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नावों, राहत सामग्री, दवाइयों और पशु चारे की उपलब्धता की समीक्षा की जा रही है। बाढ़ शरण स्थलों की साफ-सफाई के साथ पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इटैहिया गांव में बुधवार को बाढ़ का पानी उतर गया। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवाओं का वितरण किया और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया।
गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहीं राजस्व टीमें
राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दे रही हैं। ग्राम प्रधानों, लेखपालों और पंचायत सचिवों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग को पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं और मेडिकल टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नेपाल में लगातार बारिश होने पर राप्ती नदी और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर भरोसा करें। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और विभागीय अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

फोटो-26-बलरामपुर के चौका कला गांव के पास कटान कर रही राप्ती नदी ।-संवाद