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Banda News: पांच दिन से सूखी टंकी, 30 हजार आबादी बूंद-बूंद पानी को तरसे
Tue, 30 Jun 2026 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:21 AM IST
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उदित पांडेय
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नरैनी। भीषण गर्मी के बीच नरैनी क्षेत्र के पनगरा गांव में पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। करीब 30 हजार की आबादी पिछले पांच दिनों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। ओवरहेड टैंक की दोनों मोटरें खराब होने से पूरे गांव की जलापूर्ति ठप है। हालात यह हैं कि लोगों को हैंडपंपों पर घंटों लाइन लगानी पड़ रही है, जबकि कई परिवार साइकिल और अन्य साधनों से दूर-दूर से पानी ढोकर दैनिक जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम की लापरवाही के कारण समस्या लगातार बढ़ती गई। गांव की पांच लाख लीटर क्षमता वाली ओवरहेड टंकी में पानी चढ़ाने के लिए दो मोटरें लगी हैं। इनमें एक मोटर काफी समय से खराब थी, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। दूसरी मोटर के सहारे किसी तरह जलापूर्ति चल रही थी, लेकिन पांच दिन पहले वह भी जवाब दे गई। इसके बाद पूरे गांव की पेयजल व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
पनगरा गांव पांच पहाड़ियों के बीच बसा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में पहले भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता था, लेकिन अब संकट पूरे गांव में फैल गया है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सुबह से ही हैंडपंपों पर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं। कई परिवार साइकिलों और अन्य साधनों से पानी ढोने को विवश हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब डेढ़ दशक पहले गांव में पांच लाख लीटर क्षमता की ओवरहेड पानी की टंकी बनाई गई थी।
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शुरुआत में इसका संचालन ग्राम सभा के माध्यम से होता था, लेकिन लगभग दो वर्ष पहले रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी जल निगम को सौंप दी गई। इसके बावजूद समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने से व्यवस्था लगातार बदहाल होती चली गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त भी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद लीकेज ठीक नहीं कराए गए, जिससे आए दिन जलापूर्ति प्रभावित होती रहती है। इस बार दोनों मोटरों के खराब होने से पूरा गांव पेयजल संकट की चपेट में आ गया है।
यह बोले ग्रामीण
फोटो- 10
जल निगम की लापरवाही का खामियाजा पूरा गांव भुगत रहा है। पहले से मोटर को ही ठीक करा दिया जाता तो यह स्थिति न बनती। एक-एक बाल्टी पानी दूर से लाना पड़ रहा है।
उदित पांडेय
फोटो- 11
अनुसूचित जाति बस्ती पहाड़ी पर होने के कारण वहां पहले भी पानी नहीं पहुंचता था। अब तो पूरे गांव में संकट है और हैंडपंप ही सहारा हैं।
राजेश वर्मा
वर्जन
ओवरहेड टैंक की मोटर खराब होने की जानकारी मिली है। संबंधित कर्मचारियों को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। मोटर ठीक कर जल्द जलापूर्ति बहाल कराई जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की भी मरम्मत कराई जाएगी।
विमल वर्मा, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम की लापरवाही के कारण समस्या लगातार बढ़ती गई। गांव की पांच लाख लीटर क्षमता वाली ओवरहेड टंकी में पानी चढ़ाने के लिए दो मोटरें लगी हैं। इनमें एक मोटर काफी समय से खराब थी, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। दूसरी मोटर के सहारे किसी तरह जलापूर्ति चल रही थी, लेकिन पांच दिन पहले वह भी जवाब दे गई। इसके बाद पूरे गांव की पेयजल व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
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पनगरा गांव पांच पहाड़ियों के बीच बसा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में पहले भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता था, लेकिन अब संकट पूरे गांव में फैल गया है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सुबह से ही हैंडपंपों पर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं। कई परिवार साइकिलों और अन्य साधनों से पानी ढोने को विवश हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब डेढ़ दशक पहले गांव में पांच लाख लीटर क्षमता की ओवरहेड पानी की टंकी बनाई गई थी।
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शुरुआत में इसका संचालन ग्राम सभा के माध्यम से होता था, लेकिन लगभग दो वर्ष पहले रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी जल निगम को सौंप दी गई। इसके बावजूद समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने से व्यवस्था लगातार बदहाल होती चली गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त भी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद लीकेज ठीक नहीं कराए गए, जिससे आए दिन जलापूर्ति प्रभावित होती रहती है। इस बार दोनों मोटरों के खराब होने से पूरा गांव पेयजल संकट की चपेट में आ गया है।
यह बोले ग्रामीण
फोटो- 10
जल निगम की लापरवाही का खामियाजा पूरा गांव भुगत रहा है। पहले से मोटर को ही ठीक करा दिया जाता तो यह स्थिति न बनती। एक-एक बाल्टी पानी दूर से लाना पड़ रहा है।
उदित पांडेय
फोटो- 11
अनुसूचित जाति बस्ती पहाड़ी पर होने के कारण वहां पहले भी पानी नहीं पहुंचता था। अब तो पूरे गांव में संकट है और हैंडपंप ही सहारा हैं।
राजेश वर्मा
वर्जन
ओवरहेड टैंक की मोटर खराब होने की जानकारी मिली है। संबंधित कर्मचारियों को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। मोटर ठीक कर जल्द जलापूर्ति बहाल कराई जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की भी मरम्मत कराई जाएगी।
विमल वर्मा, अधिशासी अभियंता, जल निगम

उदित पांडेय

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