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Banda News: मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का रास्ता साफ, मिला लाइसेंस
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:33 AM IST
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फोटो- 09 मेडिकल कालेज में तैयार खड़ा लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट।
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बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में अब मरीजों को ऑक्सीजन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने कॉलेज के तरल ऑक्सीजन प्लांट को लाइसेंस जारी कर दिया है। इस लाइसेंस के मिलने से 16 वार्डों के 630 बेडों तक सीधी ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
मेडिकल कॉलेज में पहले से ही तरल ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित था लेकिन लाइसेंस न मिलने के कारण यह चालू नहीं हो पा रहा था। इस वजह से मेडिकल कॉलेज को अपनी ऑक्सीजन की जरूरतों के लिए कानपुर से जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवाने पड़ते थे। अब लाइसेंस मिलने से इस समस्या का समाधान हो गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दावा किया है कि अगले दो महीनों के भीतर प्रत्येक बेड तक ऑक्सीजन पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
इस लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 20 हजार किलो लीटर है। यह मेडिकल कॉलेज की सभी ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में कुल 630 बेड हैं, जिनमें औसतन 400 बेड भरे रहते हैं।
ऑक्सीजन की शुद्धता और वितरण
लिक्विड ऑक्सीजन को सबसे शुद्ध माना जाता है। प्लांट की पूरी क्षमता का उपयोग करते हुए आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू, आपातकालीन इकाई में मरीजों तक सीधी ऑक्सीजन पहुंचाई जा सकेगी। वार्डों और बेड तक पाइपलाइन बिछाने का काम अगले दो महीने में पूरा होगा।
लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट के चालू होते ही प्रत्येक मरीज के बेड तक ऑक्सीजन पहुंच सकेगी। अब ऑक्सीजन की मेडिकल कालेज को कोई कमी नहीं होगी। यह मेडिकल कालेज के लिए बड़ी उपलब्धि है।
- सुनील कौशल, प्राचार्य
रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज
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मेडिकल कॉलेज में पहले से ही तरल ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित था लेकिन लाइसेंस न मिलने के कारण यह चालू नहीं हो पा रहा था। इस वजह से मेडिकल कॉलेज को अपनी ऑक्सीजन की जरूरतों के लिए कानपुर से जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवाने पड़ते थे। अब लाइसेंस मिलने से इस समस्या का समाधान हो गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दावा किया है कि अगले दो महीनों के भीतर प्रत्येक बेड तक ऑक्सीजन पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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इस लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 20 हजार किलो लीटर है। यह मेडिकल कॉलेज की सभी ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में कुल 630 बेड हैं, जिनमें औसतन 400 बेड भरे रहते हैं।
ऑक्सीजन की शुद्धता और वितरण
लिक्विड ऑक्सीजन को सबसे शुद्ध माना जाता है। प्लांट की पूरी क्षमता का उपयोग करते हुए आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू, आपातकालीन इकाई में मरीजों तक सीधी ऑक्सीजन पहुंचाई जा सकेगी। वार्डों और बेड तक पाइपलाइन बिछाने का काम अगले दो महीने में पूरा होगा।
लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट के चालू होते ही प्रत्येक मरीज के बेड तक ऑक्सीजन पहुंच सकेगी। अब ऑक्सीजन की मेडिकल कालेज को कोई कमी नहीं होगी। यह मेडिकल कालेज के लिए बड़ी उपलब्धि है।
- सुनील कौशल, प्राचार्य
रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज