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Banda News: बोरे मांगे तो पकड़ा दी 189 गांठ की रिकवरी
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 16 Apr 2026 12:55 AM IST
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बांदा। गेहूं खरीद के 15 दिन हो चुके है लेकिन क्रय केंद्रों में बोरे नहीं है। ऐसे में विपणन विभाग क्रय केंद्रों में गुम व फट चुके पांच साल पुराने बोरे खोजने में लगा है। खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीएसएस क्रय एजेंसियों से 190 गांठ बोरों की रिकवरी की जा रही है। एक गांठ में 500 बोरे होते हैं। इसको लेकर क्रय एजेसिंया खासी परेशान है। क्रय केंद्र प्रभारियों का कहना कि गांठों में निकलने वाले फटे बोरों को फेंक दिया गया। अब विभाग उन्ही बोरों की रिकवरी कर रहा है। गेहूं की खरीद 30 मार्च से शुरू हो गई थी। लेकिन शासन स्तर पर बोरों का टेंडर न होने से क्रय एजेंसियों के पास गेहूं खरीदने के लिए बोरे नहीं है।
क्रय एजेसिंयों ने विभाग से बोरे मांगे तो उन्हें पांच साल पुराने बचे बोरों की रिकवरी करा दी गई। आदेशों में कहा गया कि वह पांच साल में बचे बोरों में गेहूं की खरीद करें। इसके साथ ही राशन की दुकानों व मिलर्स से बोरों की खरीद की जाए। विपणन विभाग के इस आदेश से क्रय एजेसिंया खासी परेशान है। यूपीएसएस के मंडी समिति क्रय केंद्र प्रभारी शिव प्रसाद गुप्ता का कहना है कि विभाग से मिलने वाले बोरों की गांठ में 10 से 15 बोरे खराब निकल जाते हैं। पांच सालों में शेष बचे ऐसे बोरे फेंक दिए गए। अब विभाग उनसे फटे पुराने बोरे मांग रहा है।
इसी प्रकार विपणन के केंद्र प्रभारी संदीप कुमार का कहना है कि पुराने बोरे खोजना बेहद कठिन है। लेकिन विभाग के आदेशों के अनुसार पुराने बोरे खोजें जा रहे है। पुराने बोरे न मिलने पर राशन की दुकानों से बोरे खरीदकर पुराने बोरों की भरपाई की जा रही है। खप्टिहाकला के केंद्र प्रभारी आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि बोरे न होने से खरीद प्रभावित है। पुराने बोरे कहा से खोजकर लाए। पहले क्रय केंद्र खुलने के पहले बोरे उपलब्ध करा दिए जाते थे, इस बार गेहूं खरीद को 16 वां दिन है लेकिन अभी तक बोरे नहीं उपलब्ध कराए गए। ऐसे में गेहूं के खरीद का लक्ष्य पूरा होने वाला नहीं है। राशन की दुकानों में अभी खाद्यान्न बांटा जा रहा है। वहां से भी बोरे मिलने की उम्मीद नहीं है।
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एजेसिंयों पुराने बोरो की रिकवरी (गांठ में)
एजेंसी बोरे
खाद्य विभाग 47
पीसीएफ 132
यूपीएसएस 10
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योग- 189
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शासन स्तर पर बोरों का टेंडर नहीं हो पाया है। जिससे बोरों की किल्लत है। केंद्रों से पुराने बोरों में फिलहाल काम करने के लिए कहा गया है। जिला पूर्ति विभाग व मिलर्स से 12 लाख बोरे मांगे गए है।
रामानंद
जिला विपणन अधिकारी, बांदा
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क्रय एजेसिंयों ने विभाग से बोरे मांगे तो उन्हें पांच साल पुराने बचे बोरों की रिकवरी करा दी गई। आदेशों में कहा गया कि वह पांच साल में बचे बोरों में गेहूं की खरीद करें। इसके साथ ही राशन की दुकानों व मिलर्स से बोरों की खरीद की जाए। विपणन विभाग के इस आदेश से क्रय एजेसिंया खासी परेशान है। यूपीएसएस के मंडी समिति क्रय केंद्र प्रभारी शिव प्रसाद गुप्ता का कहना है कि विभाग से मिलने वाले बोरों की गांठ में 10 से 15 बोरे खराब निकल जाते हैं। पांच सालों में शेष बचे ऐसे बोरे फेंक दिए गए। अब विभाग उनसे फटे पुराने बोरे मांग रहा है।
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इसी प्रकार विपणन के केंद्र प्रभारी संदीप कुमार का कहना है कि पुराने बोरे खोजना बेहद कठिन है। लेकिन विभाग के आदेशों के अनुसार पुराने बोरे खोजें जा रहे है। पुराने बोरे न मिलने पर राशन की दुकानों से बोरे खरीदकर पुराने बोरों की भरपाई की जा रही है। खप्टिहाकला के केंद्र प्रभारी आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि बोरे न होने से खरीद प्रभावित है। पुराने बोरे कहा से खोजकर लाए। पहले क्रय केंद्र खुलने के पहले बोरे उपलब्ध करा दिए जाते थे, इस बार गेहूं खरीद को 16 वां दिन है लेकिन अभी तक बोरे नहीं उपलब्ध कराए गए। ऐसे में गेहूं के खरीद का लक्ष्य पूरा होने वाला नहीं है। राशन की दुकानों में अभी खाद्यान्न बांटा जा रहा है। वहां से भी बोरे मिलने की उम्मीद नहीं है।
एजेसिंयों पुराने बोरो की रिकवरी (गांठ में)
एजेंसी बोरे
खाद्य विभाग 47
पीसीएफ 132
यूपीएसएस 10
योग- 189
शासन स्तर पर बोरों का टेंडर नहीं हो पाया है। जिससे बोरों की किल्लत है। केंद्रों से पुराने बोरों में फिलहाल काम करने के लिए कहा गया है। जिला पूर्ति विभाग व मिलर्स से 12 लाख बोरे मांगे गए है।
रामानंद
जिला विपणन अधिकारी, बांदा

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