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Barabanki News: जर्जर भवन से निकले बच्चे नए स्कूल में पहुंचते ही खुश
Fri, 24 Jul 2026 02:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:12 AM IST
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नए प्राथमिक विद्यालय भवन का ताला खुला और बच्चे खौफ के साये से बाहर निकल सुरक्षित कमरों में पहुं
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बाराबंकी। बारिश में टपकती छत और दरकती दीवारों से टूट कर गिरते प्लास्टर से आखिरकार लंबे इंतजार के बाद नौनिहालों को मुक्ति मिल गई। नए प्राथमिक विद्यालय भवन का ताला खुला और बच्चे खौफ के साये से बाहर निकल सुरक्षित कमरों में पहुंचे। यह देख करीब 54 छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। इसको लेकर अमर उजाला ने 14 जुलाई के अंक में ‘ जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हो रहे 54 विद्यार्थी’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसी के बाद विभाग ने उद्घाटन और फीता काटने जैसी औपचारिकताओं को दरकिनार कर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
दरियाबाद ब्लॉक के खजुरी स्थित प्राथमिक विद्यालय (द्वितीय) के ठीक बगल में ही लाखों रुपये की लागत से नया भवन बनकर तैयार खड़ा था लेकिन केवल औपचारिक उद्घाटन के इंतजार में उस पर ताला लगा हुआ था। नौनिहाल जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर थे।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बीईओ मनीराम वर्मा ने खतरे को देखते हुए बृहस्पतिवार को नए भवन में कक्षाएं संचालित करने के आदेश जारी कर दिए। नए कमरों में बैठकर पढ़ाई करने का उत्साह बच्चों के चेहरों पर साफ नजर आया। हालांकि नए विद्यालय परिसर की चारदीवारी तो तैयार कर दी गई है लेकिन मुख्य गेट न होने के कारण आवारा मवेशी के आने का खतरा बना है। अभिभावकों ने गेट लगवाने की मांग जिला प्रशासन से की है।
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दरियाबाद ब्लॉक के खजुरी स्थित प्राथमिक विद्यालय (द्वितीय) के ठीक बगल में ही लाखों रुपये की लागत से नया भवन बनकर तैयार खड़ा था लेकिन केवल औपचारिक उद्घाटन के इंतजार में उस पर ताला लगा हुआ था। नौनिहाल जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर थे।
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बीईओ मनीराम वर्मा ने खतरे को देखते हुए बृहस्पतिवार को नए भवन में कक्षाएं संचालित करने के आदेश जारी कर दिए। नए कमरों में बैठकर पढ़ाई करने का उत्साह बच्चों के चेहरों पर साफ नजर आया। हालांकि नए विद्यालय परिसर की चारदीवारी तो तैयार कर दी गई है लेकिन मुख्य गेट न होने के कारण आवारा मवेशी के आने का खतरा बना है। अभिभावकों ने गेट लगवाने की मांग जिला प्रशासन से की है।
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