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Barabanki News: तीन घंटे स्कूल में ही तड़पता रहा छात्र
Tue, 28 Jul 2026 02:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:22 AM IST
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बाराबंकी। प्राथमिक विद्यालय देवगरपुर में तीसरी के छात्र अंशू को सुबह 10 बजे सांप ने काटा। छात्र ने उसी समय शिक्षामित्र को ये बात बताई। बावजूद इसके, ये बात छात्र के घरवालों को समय से नहीं बताई गई और न ही उसका इलाज कराने का जतन किया गया। तीन घंटे तक छात्र स्कूल में ही तड़पता रहा।
वह जब बेहोश हो गया, तब शिक्षामित्र ने उसके घरवालों को ये बताया कि अंशू बीमार हो गया है। उस वक्त भी सांप के काटने की बात छिपाई गई। दोपहर एक बजे जब घरवालों को ये बात पता चली कि उन्होंने बच्चे को सीएचसी त्रिवेदीगंज पहुंचाया। दोपहर 1:55 बजे चिकित्सक ने अंशू की नब्ज टटोली, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
चिकित्सक ने बताया कि अंशू के बाएं पैर के अंगूठे में सांप के काटने जैसा निशान मिला है। आशंका यही है कि करैत सांप के काटने से उसकी मौत हुई है।
g तैनाती चार की, ड्यूटी पर सिर्फ एक : स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार के अलावा दो सहायक अध्यापिकाएं मधु रावत और अनुराधा तैनात हैं। बीईओ ने नियमों को ताक पर रखकर एक शिक्षिका को प्रसूति और दूसरी को मातृत्व शिशु अवकाश एक साथ मंजूर कर दिया। रही सही कसर बीएसए दफ्तर से जारी आदेश ने पूरी कर दी, जिसमें ऑडिट के नाम पर प्रभारी हेडमास्टर को भी बीईओ दफ्तर तलब कर लिया गया।
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पूरा विद्यालय अकेले शिक्षामित्र अमिता सिंह के भरोसे छोड़ दिया गया। सोमवार को स्कूल में 60 बच्चे थे। इन सबकी जिम्मेदारी अकेले शिक्षामित्र संभाल रही थी। घटना के बारे में संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो सकी।
g बचाव का रास्ता खोजते रहे जिम्मेदार : ग्रामीणाें के अनुसार, अंशू को जब सांप ने काटा तो शिक्षामित्र ने हेडमास्टर को फोन करके सूचना दी। मामले को दबाने के जतन बीईओ दफ्तर से शुरू कर दिए गए, लेकिन किसी भी जिम्मेदार ने इलाज कराने की ओर ध्यान नहीं दिया। समय से बच्चा अस्पताल पहुंच जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
डीएम ईशान प्रताप सिंह ने मामले की जांच के लिए एडीएम न्यायिक राजकुमार, एएसपी दक्षिणी रितेश कुमार सिंह और बीएसए नवीन कुमार पाठक की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। (संवाद)
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वह जब बेहोश हो गया, तब शिक्षामित्र ने उसके घरवालों को ये बताया कि अंशू बीमार हो गया है। उस वक्त भी सांप के काटने की बात छिपाई गई। दोपहर एक बजे जब घरवालों को ये बात पता चली कि उन्होंने बच्चे को सीएचसी त्रिवेदीगंज पहुंचाया। दोपहर 1:55 बजे चिकित्सक ने अंशू की नब्ज टटोली, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
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चिकित्सक ने बताया कि अंशू के बाएं पैर के अंगूठे में सांप के काटने जैसा निशान मिला है। आशंका यही है कि करैत सांप के काटने से उसकी मौत हुई है।
g तैनाती चार की, ड्यूटी पर सिर्फ एक : स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार के अलावा दो सहायक अध्यापिकाएं मधु रावत और अनुराधा तैनात हैं। बीईओ ने नियमों को ताक पर रखकर एक शिक्षिका को प्रसूति और दूसरी को मातृत्व शिशु अवकाश एक साथ मंजूर कर दिया। रही सही कसर बीएसए दफ्तर से जारी आदेश ने पूरी कर दी, जिसमें ऑडिट के नाम पर प्रभारी हेडमास्टर को भी बीईओ दफ्तर तलब कर लिया गया।
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पूरा विद्यालय अकेले शिक्षामित्र अमिता सिंह के भरोसे छोड़ दिया गया। सोमवार को स्कूल में 60 बच्चे थे। इन सबकी जिम्मेदारी अकेले शिक्षामित्र संभाल रही थी। घटना के बारे में संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो सकी।
g बचाव का रास्ता खोजते रहे जिम्मेदार : ग्रामीणाें के अनुसार, अंशू को जब सांप ने काटा तो शिक्षामित्र ने हेडमास्टर को फोन करके सूचना दी। मामले को दबाने के जतन बीईओ दफ्तर से शुरू कर दिए गए, लेकिन किसी भी जिम्मेदार ने इलाज कराने की ओर ध्यान नहीं दिया। समय से बच्चा अस्पताल पहुंच जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
डीएम ईशान प्रताप सिंह ने मामले की जांच के लिए एडीएम न्यायिक राजकुमार, एएसपी दक्षिणी रितेश कुमार सिंह और बीएसए नवीन कुमार पाठक की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। (संवाद)