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Barabanki News: तीन और पांच साल पुराने मामलों का जल्द हो निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:09 AM IST
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बाराबंकी। चकबंदी कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि तीन और पांच साल पुराने लंबित वादों का जल्द से जल्द निपटाया जाए। इसके अलावा जिन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया अंतिम चरण में है, वहां पर धारा 52 का प्रकाशन करा प्रक्रिया को पूरा कराया जाए। डीएम ने यह निर्देश मंगलवार को लोक सभागार में चकबंदी कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिए।
चकबंदी अधिकारियों ने बताया कि जिले के छह गांवों कुड़ीन, बछराजमऊ, बबुआपुर, खंडसरा, ओदार एवं खुज्जी में धारा 52 का प्रकाशन कराया गया है, जो चकबंदी प्रक्रिया का अंतिम एवं महत्वपूर्ण चरण होता है। चकबंदी कार्य पूरा होने के बाद अभिलेखों का प्रकाशन किया जाता है, जिसके पश्चात चकबंदी प्रक्रिया समाप्त मानी जाती है और नवीन अभिलेख प्रभावी हो जाते हैं।
लंबित वादों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि तीन से पांच वर्ष और पांच से 10 वर्ष तक लंबित मुकदमों की साप्ताहिक सुनवाई करते हुए इनका निस्तारण कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में पुराने वाद अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। इस मौके पर एसओसी संजय कुमार विश्वास आदि मौजूद रहे।
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चकबंदी अधिकारियों ने बताया कि जिले के छह गांवों कुड़ीन, बछराजमऊ, बबुआपुर, खंडसरा, ओदार एवं खुज्जी में धारा 52 का प्रकाशन कराया गया है, जो चकबंदी प्रक्रिया का अंतिम एवं महत्वपूर्ण चरण होता है। चकबंदी कार्य पूरा होने के बाद अभिलेखों का प्रकाशन किया जाता है, जिसके पश्चात चकबंदी प्रक्रिया समाप्त मानी जाती है और नवीन अभिलेख प्रभावी हो जाते हैं।
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लंबित वादों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि तीन से पांच वर्ष और पांच से 10 वर्ष तक लंबित मुकदमों की साप्ताहिक सुनवाई करते हुए इनका निस्तारण कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में पुराने वाद अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। इस मौके पर एसओसी संजय कुमार विश्वास आदि मौजूद रहे।