Railway News: बरेली जंक्शन सहित 50 स्टेशन एआई सुरक्षा प्रणाली से होंगे लैस, ड्रोन कैमरों से पटरियों की निगरानी
बरेली जंक्शन समेत 50 रेलवे स्टेशन हाईटेक किए जाएंगे। इन स्टेशनों पर एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली और सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने बजट जारी कर दिया है।
विस्तार
जल्द ही ट्रेनों में यात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित, तेज और आरामदायक होगी। उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल के 50 रेलवे स्टेशनों को सीसीटीवी कैमरों और एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित इंटरलॉकिंग, सिग्नलिंग प्रणाली आदि से लैस किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 970 करोड़ रुपये जारी किए हैं। पहले चरण में गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर और रोजा समेत 15 रेलवे स्टेशनों को एआई प्रणाली से लैस किया जाएगा। इस पर इसी वित्त वर्ष में काम शुरू करने की तैयारी है।
अब तक ट्रेनों के सभी ज्वाइंट की जांच मैनुअल की जाती है। ट्रेन के स्टेशन से चलने के दौरान कुछ रेलकर्मी ट्रेन के गुजरते समय ज्वाइंट को झुककर देखते हैं। इस व्यवस्था में मानवीय चूक की आशंका रहती है। अगर कोई ट्रेन तेज गति पर होती है तो उनकी मैनुअल जांच मुश्किल हो जाती है।
एआई सेंसर देगा सटीक अलर्ट
गाड़ियों को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए स्टेशन मास्टर को प्वाइंट्स बनाने पड़ते हैं। काम मैनुअल होने के कारण मामूली चूक हादसे का रूप ले सकती है। इसी तमाम समस्याओं को दूर करने के लिए रेलवे एआई की मदद लेगा। नई व्यवस्था में गाड़ियों की गति तेज होने पर भी एआई सेंसर सटीक अलर्ट देगा।
स्टेशनों के यार्ड, आसपास की रेलवे क्रॉसिंग, दो या दो से अधिक पटरियों के ज्वाइंट एआई आधारित इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से जोड़े जाएंगे। सीसी कैमरों से निगरानी और सिग्नलिंग व्यवस्था भी एआई आधारित होने से ट्रेनों की जहां रफ्तार बढ़ेगी वहीं यात्रा सुरक्षित होगी।
यार्ड में प्रवेश और स्टेशन छोड़ते समय होगी गाड़ी की जांच
एआई आधारिक इंटरलॉकिंग, सिग्नलिंग प्रणाली और सीसी कैमरों के जरिये किसी ट्रेन के यार्ड में प्रवेश करते ही उसकी पूरी जांच हो जाएगी। स्टेशन से जब ट्रेन चलेगी तब भी पूरी गाड़ी की जांच अपने आप हो जाएगी और पॉवर केबिन व इंजीनियरिंग, संचालन विभाग को सटीक अलर्ट मिल जाएगा। ट्रेनों को सिग्नल मिलने में देरी के कारण बेवजह आउटर पर भी नहीं रोकना होगा।
मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि मुरादाबाद मंडल में मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, रोजा समेत 15 रेलवे स्टेशनों को पहले चरण में एआई आधारिक इंटरलॉकिंग प्रणाली और सीसी कैमरों से लैस किया जाएगा। 50 स्टेशनों पर यह काम होने हैं। बजट मिल गया है। बरेली और मुरादाबाद में काम जल्द शुरू करा दिया जाएगा।
ड्रोन कैमरों से की जाएगी रेलवे स्टेशनों, पटरियों की निगरानी
मुरादाबाद मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अब ड्रोन कैमरों के जरिये रेलवे स्टेशनों और पटरियों की निगरानी की जाएगी। सोमवार को डीआरएम विनीता श्रीवास्तव और सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता की मौजूदगी में मुरादाबाद पुलिस लाइन में ड्रोन का परीक्षण किया गया। सीनियर डीसीएम ने बताया कि अगले वर्ष हरिद्वार कुंभ का आयोजन होना है। इससे पहले सभी स्टेशनों पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिस ड्रोन का परीक्षण किया गया है, वह 40 मिनट में 500 मीटर की ऊंचाई पर पांच किलोमीटर तक उड़ान भर सकते हैं। इसके कैमरे का रेजोल्यूशन 1280×720 पिक्सल है और यह 90 डिग्री तक घूम सकता है। जल्द ही बरेली समेत प्रमुख स्टेशनों को ड्रोन कैमरे उपलब्ध करा दिए जाएंगे।