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Bareilly News: घुटनों पर व्यवस्था, बच्चों ने फर्श पर बैठकर दी परीक्षा
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आराम फरमाते दिखे शिक्षक, गेट फांदकर बाहर निकलने की कोशिश करते दिखे विद्यार्थी
बरेली। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने के बेसिक शिक्षा विभाग के दावे धरातल पर फेल हैं। वार्षिक परीक्षा के दौरान बृहस्पतिवार को विद्यालयों में अव्यवस्थाएं हावी दिखीं। कहीं विद्यार्थी जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे तो कहीं गेट पर ताला डालकर शिक्षक अंदर आराम फरमाते दिखे। कई विद्यालयों में विद्यार्थी परीक्षा के दौरान ही मैदान पर खेलते दिखाई दिए।
पड़ताल के दौरान टीम दोपहर करीब 12:45 बजे नगर क्षेत्र के हाईटेक मॉडल कंपोजिट विद्यालय जसौली पहुंची। यहां मुख्य द्वार पर अंदर से ताला लटका था। बाहर से शिक्षक परीक्षा के दौरान आराम फरमाते दिखे। कई बच्चे परिसर में यहां-वहां घूम रहे थे। एक छात्र खुद परीक्षा कक्ष में उत्तर पुस्तिकाएं ले जाता दिखा। इसी बीच विद्यालय के दूसरे गेट को फांदकर बाहर निकलने की कोशिश करते दिखे। गेट की ऊंचाई अधिक होने के चलते उन्हें चोट लगने का भी डर था। इसके बाद शिक्षकों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
जसौली से कुछ ही दूरी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय कटघर में और भी बुरा हाल था। यहां दोपहर 12:50 बजे कला का पेपर देने वाले विद्यार्थी जमीन पर बैठे दिखाई दिए। दूसरे कक्ष में सीटों की संख्या कम होने के चलते विद्यार्थी सटकर बैठे दिखाई दिए। यह विद्यालय महज एक शिक्षामित्र के भरोसे चल रहा था। प्रश्नपत्र पूरे न होने के चलते बोर्ड पर सवाल लिखकर परीक्षा कराई जा रही थी।
एक छात्र दे रहा परीक्षा, सुरक्षा राम भरोसे
दोपहर 12:56 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय बाकरगंज के परिसर में विद्यार्थी यहां-वहां घूमते दिखाई दिए। केवल एक ही विद्यार्थी परीक्षा दे रहा था। दो शिक्षक कक्ष में बैठकर अपने काम निपटा रहे थे। पास वाले कक्ष में एक शिक्षक के पास बच्चों और अभिभावकों की भीड़ थी। हाथ में प्लास्टर चढ़वाकर स्कूल पहुंची छात्रा ने बताया कि बुधवार को एक छात्र ने उसे धक्का दे दिया था। इस वजह से हाथ में दो जगह फ्रैक्चर हुआ। संवाद
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परीक्षा को लेकर गंभीरता बरतने के निर्देश लगातार दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी परीक्षा के दौरान बच्चों का कक्षा से बाहर घूमना गंभीर है। इस दौरान शिक्षक क्या कर रहे थे, इसकी जांच कराई जाएगी। बच्ची को चोट कैसे लगी, इस बारे में भी जानकारी की जाएगी। - डॉ. विनीता, बीएसए
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बरेली। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने के बेसिक शिक्षा विभाग के दावे धरातल पर फेल हैं। वार्षिक परीक्षा के दौरान बृहस्पतिवार को विद्यालयों में अव्यवस्थाएं हावी दिखीं। कहीं विद्यार्थी जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे तो कहीं गेट पर ताला डालकर शिक्षक अंदर आराम फरमाते दिखे। कई विद्यालयों में विद्यार्थी परीक्षा के दौरान ही मैदान पर खेलते दिखाई दिए।
पड़ताल के दौरान टीम दोपहर करीब 12:45 बजे नगर क्षेत्र के हाईटेक मॉडल कंपोजिट विद्यालय जसौली पहुंची। यहां मुख्य द्वार पर अंदर से ताला लटका था। बाहर से शिक्षक परीक्षा के दौरान आराम फरमाते दिखे। कई बच्चे परिसर में यहां-वहां घूम रहे थे। एक छात्र खुद परीक्षा कक्ष में उत्तर पुस्तिकाएं ले जाता दिखा। इसी बीच विद्यालय के दूसरे गेट को फांदकर बाहर निकलने की कोशिश करते दिखे। गेट की ऊंचाई अधिक होने के चलते उन्हें चोट लगने का भी डर था। इसके बाद शिक्षकों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
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जसौली से कुछ ही दूरी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय कटघर में और भी बुरा हाल था। यहां दोपहर 12:50 बजे कला का पेपर देने वाले विद्यार्थी जमीन पर बैठे दिखाई दिए। दूसरे कक्ष में सीटों की संख्या कम होने के चलते विद्यार्थी सटकर बैठे दिखाई दिए। यह विद्यालय महज एक शिक्षामित्र के भरोसे चल रहा था। प्रश्नपत्र पूरे न होने के चलते बोर्ड पर सवाल लिखकर परीक्षा कराई जा रही थी।
एक छात्र दे रहा परीक्षा, सुरक्षा राम भरोसे
दोपहर 12:56 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय बाकरगंज के परिसर में विद्यार्थी यहां-वहां घूमते दिखाई दिए। केवल एक ही विद्यार्थी परीक्षा दे रहा था। दो शिक्षक कक्ष में बैठकर अपने काम निपटा रहे थे। पास वाले कक्ष में एक शिक्षक के पास बच्चों और अभिभावकों की भीड़ थी। हाथ में प्लास्टर चढ़वाकर स्कूल पहुंची छात्रा ने बताया कि बुधवार को एक छात्र ने उसे धक्का दे दिया था। इस वजह से हाथ में दो जगह फ्रैक्चर हुआ। संवाद
परीक्षा को लेकर गंभीरता बरतने के निर्देश लगातार दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी परीक्षा के दौरान बच्चों का कक्षा से बाहर घूमना गंभीर है। इस दौरान शिक्षक क्या कर रहे थे, इसकी जांच कराई जाएगी। बच्ची को चोट कैसे लगी, इस बारे में भी जानकारी की जाएगी। - डॉ. विनीता, बीएसए