Bareilly News: ग्रीष्मावकाश में दूसरे महाविद्यालयों की परीक्षाएं कराने से इन्कार, बरेली कॉलेज ने खड़े किए हाथ
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर 25 मई से ग्रीष्मावकाश घोषित किया गया है। इस बीच परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं। दूसरे महाविद्यालयों का परीक्षा केंद्र बरेली कॉलेज बनाया गया है। ऐसे में बरेली कॉलेज ने इन महाविद्यालयों की परीक्षाएं कराने में हाथ खड़े कर दिए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रुहेलखंड विश्वविद्यालय और बरेली कॉलेज के बीच परीक्षाओं और गर्मी की छुट्टियों को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। विश्वविद्यालय की ओर से 25 मई से ग्रीष्मावकाश (गर्मी की छुट्टियां) घोषित होने के बाद बरेली कॉलेज के प्राचार्य ने इस दौरान बाहरी महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की परीक्षा अपने यहां संपन्न कराने में असमर्थता जताई है।
बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय की ओर से परीक्षा नियंत्रक को लिखे गए पत्र के अनुसार, कॉलेज केंद्र पर 16 अप्रैल से विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। ये जून के तीसरे सप्ताह तक चलने की संभावना है। 22 मई से विधि सम सेमेस्टर की परीक्षाएं भी शुरू होने जा रही हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय ने अन्य बाहरी महाविद्यालयों का परीक्षा केंद्र भी बरेली कॉलेज को बना दिया है। इन परीक्षाओं को कराने में कॉलेज के सभी शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी लगातार ड्यूटी कर रहे हैं।
25 मई से ग्रीष्मावकाश घोषित
प्राचार्य ने पत्र में स्पष्ट किया है कि चूंकि विश्वविद्यालय की ओर 25 मई से ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया गया है, इसलिए कॉलेज के प्राध्यापक भी छुट्टी पर चले जाएंगे। ऐसी स्थिति में जनशक्ति की कमी हो जाएगी और परीक्षाओं को सुचारु रूप से कराना बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने साफ कहा है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान बरेली कॉलेज केवल अपने ही नियमित छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं संपन्न करा पाएगा।
जिन बाहरी महाविद्यालयों का परीक्षा केंद्र बरेली कॉलेज को बनाया गया है, उनकी परीक्षाएं कराना संभव नहीं होगा। प्राचार्य ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे इस संबंध में आवश्यक कदम उठाएं और बाहरी छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करें।
कुलपति का आदेश
हालांकि, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति के आदेश के मुताबिक ग्रीष्मावकाश की अवधि में प्रवेश प्रक्रिया, पहले से चल रहीं परीक्षाएं, मूल्यांकन और अन्य आवश्यक कार्य पूर्व निर्धारित समय सारिणी के अनुसार जारी रहेंगे। जो शिक्षक इस छुट्टी के दौरान परीक्षा या शैक्षणिक कार्यों में अपना योगदान देंगे, उन्हें इसके बदले नियमानुसार प्रतिकर अवकाश दिया जाएगा, जिसे प्राचार्य स्तर पर समायोजित किया जा सकेगा।