UP: बरेली में सुपीरियर शराब फैक्टरी में तीसरे दिन भी आयकर की जांच जारी, साल 2003 तक का रिकॉर्ड तलब
बरेली के सीबीगंज स्थित सुपीरियर इंडस्ट्रीज में मंगलवार देर शाम दिल्ली की आयकर टीम ने छापा मारा था। तब से आयकर के अफसर फैक्टरी में डेरा जमाए हुए हैं। बृहस्पतिवार को भी फैक्टरी में आयकर की जांच जारी है।
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बरेली के सीबीगंज में रामपुर रोड स्थित सुपीरियर इंडस्ट्रीज (शराब फैक्टरी) में आयकर विभाग की जांच तीसरे दिन भी जारी है। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को भी फैक्टरी के अधिकारियों को बाहर जाने की अनुमति नहीं मिली। सिर्फ एचआर मैनेजर फैक्टरी से बाहर हैं। वह आयकर टीम आने के समय फैक्टरी में भी थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक टीम में शामिल अधिकारी ने वर्ष 2003 तक के सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं, जिन्हें भी खंगाला जाएगा। टीम ने फैक्टरी के सभी अधिकारियों के मोबाइल फोन भी टीम ने जब्त कर रखे हैं। टीम को आयकर में काफी हेराफेरी की आशंका है।
आयकर टीम ने मंगलवार शाम को मारा था छापा
सुपीरियर इंडस्ट्रीज में कई ब्रांड की देसी और अंग्रेजी शराब बनाई जाती है। मंगलवार शाम सवा छह बजे पांच गाड़ियों से आयकर टीम और एक गाड़ी में पीएसी के जवान फैक्टरी पहुंचे। प्रवेश करते ही टीम ने पूरे परिसर को कब्जे में ले लिया। शुरुआत गेट में अंदर से ताला लगाने और मोबाइल फोन जब्त करने से हुई। फिर कार्यालय के लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर, बिल वॉउचर आदि दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। बगैर अनुमति फैक्टरी में आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया। पीएसी जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया।
आसपास के फैक्टरी संचालकों को इसकी भनक तक नहीं लगी। परिसर के गोदामों में मौजूद मजदूरों के भी मोबाइल फोन लेकर शटर नीचे कर काम करने की अनुमति दी। शिफ्ट खत्म होने पर एक-एक कर्मचारी की सघन जांच के बाद ही टीम ने उन्हें बाहर जाने दिया। फैक्टरी पर छापा से पूर्व स्थानीय पुलिस चौकी या थाना को भी सूचना नहीं दी।
पल-पल की जानकारी जुटाते रहे कारोबारी
मंगलवार देर शाम से चल रहे छापे की जानकारी बुधवार सुबह हुई तो उद्यमियों और कारोबारियों में हलचल मच गई। वह एक-दूसरे को फोन कर पल-पल की अपडेट लेने की कोशिश करने लगे। फैक्टरी संचालक का फोन स्विच ऑफ होने से कयासों का दौर जारी रहा। कोई सौ तो दो कोई दो सौ करोड़ की टैक्स चोरी का अनुमान जताता रहा। गोपनीयता के चलते अफसरों ने कुछ कहने से इन्कार कर दिया।
आयकर में हेराफेरी की आशंका
बताया जाता है कि सुपीरियर शराब फैक्टरी की ओर से जमा किए जा रहे आयकर के रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली है।