टपरी मामला: एक ही बिल्टी पर दो ट्रक शराब निकालते थे जायसवाल ब्रदर्स और गैंग लीडर, संपत्तियों की जांच जारी
टपरी डिस्टलरी से जुड़े आबकारी टैक्स चोरी मामले में फंसे बरेली के शराब कारोबारी जायसवाल भाइयों के साथ अब गैंग लीडर प्रणय अनेजा भी निशाने पर है। इन सभी की संपत्तियों की जांच जारी है।
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सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी से जुड़े आबकारी टैक्स चोरी मामले में कार्रवाई का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। बरेली में गैंग सदस्यों जायसवाल भाइयों के साथ अब गैंग लीडर प्रणय अनेजा भी निशाने पर है। सभी की संपत्तियों की जांच जारी है। एक बिल्टी पर दो ट्रक शराब निकालकर सरकार को करोड़ों का चूना लगाने वालों की नई संपत्तियां जब्त करने केस के नए विवेचक जल्द सहारनपुर से राजस्व टीम के साथ बरेली आ सकते हैं।
बदायूं में लंबे समय सपा के विधायक रहे जोगेंद्र सिंह अनेजा एक वक्त में प्रदेश के नामी शराब कारोबारी थे। उनके बाद ये धंधा उनके पोते प्रणव व ऋषभ अनेजा संभालने लगे। जानकारों के मुताबिक पहले अनेजा ग्रुप का कई जिलों में शराब का धंधा था। इसी को चमकाने के लिए अनेजा ग्रुप ने टपरी समेत कुछ और डिस्टलरी पर आधिपत्य बनाया। प्रणय अनेजा के स्वामित्व वाली टपरी डिस्टलरी से निकली शराब जब गेट से बाहर लाई जाती थी तभी सरकारी टैक्स चोरी का फंडा शुरू हो जाता था।
बरेली के बारादरी में पकड़ा था ऐसा ही ट्रक, जायसवाल भाइयों पर हुई रिपोर्ट
अनेजा ग्रुप के एक पूर्व कर्मचारी ने बताया कि लगभग हर दूसरे ट्रक पर बिल्टी समान ही होती थी। यानि कि सरकार को टैक्स आधा और शराब ग्रुप को मुनाफा दोगुना होता था। इस तरह की शराब बरेली व बदायूं जैसे उन खास जिलों में भेजी जाती थी जहां अनेजा ग्रुप के ही जायसवाल जैसे करीबी ठेकेदारों के पास दुकानों के लाइसेंस होते थे। वहां दुकानों पर बिना टैक्स की शराब लोगों को नंबर एक की शराब के तौर पर पूरे रेट में बेच दी जाती थी। ऐसा ही एक ट्रक बारादरी थाने के तत्कालीन प्रभारी शितांशु शर्मा ने पकड़ा और मनोज व नीरज जायसवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें चार्जशीट के बाद मामला कोर्ट में विचाराधीन बताया जा रहा है।
सहारनपुर में एसटीएफ ने कसा शिकंजा
इसके साथ ही एसटीएफ ने सहारनपुर में इसी तरह की कार्रवाई कर दी, जिसमें प्रणय अनेजा समेत 27 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और कार्रवाई के वक्त दूसरे ट्रक की बिल्टी बचाने टैक्स बचाकर टैक्स बचाकर प्रदेश भर में सप्लाई कर मुनाफा कमाया जाता था। सहारनपुर में मुकदमे के बाद ग्रुप ने पूरे प्रदेश में धंधा समेट लिया। कुछ आरोपियों ने कार्रवाई की आशंका से संपत्ति परिवार के दूसरे लोगों के नाम कर दी है। इस मुकदमे में चार्जशीट के बाद अब गैंगस्टर मुकदमे में भी चार्जशीट की तैयारी है। केस के नए विवेचक जनकपुरी थाने के एसएचओ नेमचंद ने बताया कि राजस्व टीम के साथ वह धंधे व संपत्ति की परतें खोलने में जुटे हैं। जल्द ही बरेली व अन्य जगह आकर टीम कार्रवाई करेगी।