UP: पुलिस को चकमा देकर जेल गया इशरत, अब रिमांड पर लेने की तैयारी; बरेली बवाल में सप्लाई किए थे हथियार
अवैध हथियारों की तस्करी करने के आरोपी इशरत ने 20 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जहां से वह जेल चला गया। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। अब पुलिस ने उसे रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।
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बरेली में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाला हिस्ट्रीशीटर इशरत चालाक निकला। 19 फरवरी को बहेड़ी थाना पुलिस ने उसके खिलाफ हथियार तस्करी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद उसने बेहद चालाकी से 20 फरवरी को अपनी जमानत निरस्त करा ली और जेल चला गया। अभी तक पुलिस इशरत की तलाश में जुटी थी। उसके जेल जाने की जानकारी हुई तो पुलिस ने उसकी रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।
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para_count-1 para_count-1 para_count-1 पुलिस ने 19 फरवरी को शेरगढ़ अड्डे के पास से सोमू खान और तस्लीम को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से भारी मात्रा में पिस्टल, कारतूस आदि बरामद हुए थे। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया था कि वह हथियारों की यह खेप गांव दरऊ की प्रधान के पति गफ्फार और समीर को देने के लिए जा रहे थे। उनको यह हथियार बरेली में इशरत खां ने सप्लाई करने के लिए दिए थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने यह भी बताया था कि बरेली बवाल से पहले झुमका चौराहा पर इशरत के इशारे पर उन्होंने एक व्यक्ति को बरेली में उपद्रव करने तथा पुलिस पर हमला करने के लिए हथियारों की बड़ी खेप दी थी। para_count-1
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para_count-2 para_count-2 para_count-2 इन आरोपियों पर दर्ज हुआ था मुकदमा para_count-2
para_count-2 para_count-2 para_count-2 पुलिस ने इस मामले में हिस्ट्रीशीटर इशरत, उसके भाई फरहत, उत्तराखंड के गांव दरऊ निवासी गफ्फार, समीर और गिरफ्तार किए गए तस्लीम और सोमू खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की कई टीमें हिस्ट्रीशीटर इशरत की गिरफ्तारी के लिए लगी हुई थी। पुलिस को पता चला था कि इशरत पुलिस से बचने के लिए कहीं छुपा हुआ है। लेकिन पुलिस से दो कदम आगे दिमाग चलाते हुए इशरत ने नई चाल चल दी। para_count-2
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para_count-3 para_count-3 para_count-3 19 फरवरी को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और 20 फरवरी को इशरत बरेली में अपनी जमानत निरस्त कराकर कोर्ट में हाजिर हो गया और वहां से जेल चला गया। इसकी जानकारी पुलिस को रविवार को हुई। अब पुलिस इशरत को रिमांड पर लाने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाने दाखिल करने आदि की प्रक्रिया में जुट गई है।
पुलिस का दावा- उपद्रवियों को सप्लाई किए थे हथियार
पुलिस का दावा है कि बरेली में बीते साल 26 सितंबर को हुए बवाल में इशरत का अहम रोल था। उसने उपद्रवियों को हथियार उपलब्ध कराए थे। इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और उसने किसके इशारे पर इस काम को अंजाम दिया। इसके अलावा उसके गैंग में कौन-कौन शामिल है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
गफ्फार और समीर की तलाश में जुटी पुलिस
उधर, अभी तक फरार चल रहे आरोपी गफ्फार और समीर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम फिर से सक्रिय हो गई है। बताया जाता है कि पड़ोसी राज्य के एक नेता के अधिकारियों पर दबाव बनाने के बाद गफ्फार की धरपकड़ की कार्रवाई थोड़ी धीमी हो गई थी। लेकिन इशरत के कोर्ट में चालाकी से हाजिर हो जाने के बाद पुलिस कोई मौका गवाना नहीं चाहती है। पुलिस अब गफ्फार और समीर को गिरफ्तार करने के लिए उत्तराखंड में दबिश दे रही है।
बहेड़ी थाने के इंस्पेक्टर पवन कुमार सिंह ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर इशरत को रिमांड पर लाने के लिए पैरवी तेजी के साथ की जा रही है। इस मामले के विवेचक सुबह ही कोर्ट चले गए। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम में लगा दी गई है।