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Basti News: भावी पीढि़यों के समृद्ध भविष्य के लिए जल संरक्षण जरूरी
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रुधौली। भूगर्भ जल सप्ताह के तहत मंगलवार को चीनी मिल रुधौली में जन-जागरूकता संगोष्ठी हुई। अध्यक्षता जोनल प्रमुख नरेंद्र कुमार शुक्ला ने की। कार्यक्रम में चीनी मिल प्रबंधन, भूगर्भ जल विभाग, लघु सिंचाई विभाग, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा क्षेत्रीय किसानों ने भाग लिया और जल संचयन महाअभियान में सहभागिता सुनिश्चित की।
मुख्य वक्ता इकाई प्रमुख डॉ. जेपी त्रिपाठी ने कहा, जल ही समस्त जीवन का मूल आधार है तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य के लिए भूगर्भ जल का संरक्षण आज की सबसे महती आवश्यकता बन चुका है। जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने के लिए संकल्पबद्ध है।
पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों के स्थान पर टपक सिंचाई (ड्रिप इरीगेशन) एवं फव्वारा सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा, जिससे न्यूनतम जल में अधिकतम फसल उत्पादन संभव हो सके। वरिष्ठ गन्ना अधिकारी बाल सिंधु पांडेय गगन ने किसानों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, कृषि क्षेत्र में जल का विवेकपूर्ण एवं संतुलित उपयोग ही हमें संभावित जल संकट से बचा सकता है।
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वर्षा जल संचयन तथा फसल चक्र में समयानुकूल परिवर्तन लाकर हम न केवल जल की अपव्ययता को रोक सकते हैं, बल्कि भूमि की उर्वरता शक्ति को भी दीर्घकाल तक बनाए रख सकते हैं।
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मुख्य वक्ता इकाई प्रमुख डॉ. जेपी त्रिपाठी ने कहा, जल ही समस्त जीवन का मूल आधार है तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य के लिए भूगर्भ जल का संरक्षण आज की सबसे महती आवश्यकता बन चुका है। जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने के लिए संकल्पबद्ध है।
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पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों के स्थान पर टपक सिंचाई (ड्रिप इरीगेशन) एवं फव्वारा सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा, जिससे न्यूनतम जल में अधिकतम फसल उत्पादन संभव हो सके। वरिष्ठ गन्ना अधिकारी बाल सिंधु पांडेय गगन ने किसानों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, कृषि क्षेत्र में जल का विवेकपूर्ण एवं संतुलित उपयोग ही हमें संभावित जल संकट से बचा सकता है।
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