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Bhadohi News: हर दिन निकल रहा 25 टन कचरा, तीन करोड़ रुपये से बने एमआरएफ सेंटर बदहाल
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घोसिया एम आर एफ सेंटर पर लटका ताला l संवाद
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ज्ञानपुर। जिले के निकायों से हर दिन निकलने वाले 25 टन कूड़े के निस्तारण के लिए बने कूड़ा निस्तारण केंद्रों की स्थिति बदहाल है। जिम्मेदारों की लापरवाही से कचरा सेंटर पर पहुंच ही नहीं रहा है तो कहीं पहुंचने के बाद भी डंप पड़ा है। कहीं सेंटर बंद हैं तो किसी सेंटर पर पानी भरा है। सातों निकायों में करीब तीन करोड़ रुपये से एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर का निर्माण कराया गया है।
बारिश के मौसम में जिले के सात निकायों में बने एक-एक कूड़ा निस्तारण केंद्रों की स्थिति बदहाल है। रोजाना यहां शहरों के 128 वार्डों से 20 से 25 टन कूड़ा निकलता है। जिले में सात निकाय हैं, इसमें भदोही, गोपीगंज पालिका है, ज्ञानपुर, घोसिया, खमरियां, सुरियावां, नई बाजार नगर पंचायत है। भदोही को छोड़कर हमारी टीम ने सभी निकायों के कूड़ा निस्तारण केंद्र की पड़ताल की।
टीम सुबह 10 से तीन बजे तक विभिन्न केंद्रों पर पहुंची। नई बाजार वार्ड संख्या एक गुलौरा एमआरएफ सेंटर पर टीम करीब 12.30 बजे पहुंची, जहां गेट पर ताला लटक रहा था। ज्ञानपुर केंद्र पर एक बजे पहुंची, जहां ताला खुला था, लेकिन मौके पर कोई कर्मचारी नहीं मिले। टीम 20 मिनट इंतजार करने के बाद चली गई। यहां कूड़ा बेतरतीब ढंग से डंप था।
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गोपीगंज का सेंटर गुलौरी गांव में है। केंद्र खुला था, कर्मचारी भी मौजूद रहे। एक कर्मचारी ने बताया कि एक सप्ताह से कूड़ा का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। घोसिया में तो कई महीनों से सेंटर बंद है। यहां कर्मचारी नियुक्त है, लेकिन वह केवल कागजों पर काम करता है। सेंटर के अंदर और बाहर भारी मात्रा में कचरा डंप मिला।
एमआरएफ सेंटर पर लगा बारिश का पानी
सुरियावां नगर के वार्ड संख्या 12 शहीद नगर में एमआरएफ सेंटर बनाया गया है। यहां आने वाले मार्ग पर दो फीट तक बारिश का पानी लगा है। कूड़ा गाड़ी आती है, लेकिन कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते हैं। इसके कारण दस दिनों से निस्तारण सही ढंग से नहीं हो रहा है। नगर के मुख्य मार्ग के कचरा का उठान किया जा रहा है। मोहल्ले में नियमित रूप से सफाई कर्मी नहीं आते हैं।
क्या है एमआरएफ सेंटर : गीला सूखा कचरा को अलग करने के लिए निकायों में मैटिरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनाया गया है। यहां नई आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। कूड़ा का निस्तारण किया जाता है। इसमें से निकले सामान का क्रय करके निकाय प्रशासन राजस्व प्राप्त करता है।
निकायों में निकलता है कचरा
भदोही- 7 टन
गोपीगंज - 6 टन
सुरियावां - 5 टन
ज्ञानपुर - 4 टन
नई बाजार- 4 टन
घोसिया - 5 टन
खमरियां - 3 टन
नोट: कर्मचारियों के अनुसार अनुमानित टन में कचरा है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
कूड़ा निस्तारण जिस उद्देश्य से बना है, इसकी उपयोगिता नहीं हो रही है। कचरा ले जाने के बाद केंद्र पर डंप तो कर दिया जाता है। कई दिनों तक उसका निस्तारण नहीं किया जाता है। गंदगी से उठने वाली दुर्गंध से लोग परेशान हैं। - विजय चंद्र गुप्ता, गोपीगंज।
नई बाजार में एमआरएफ सेंटर है, लेकिन कब चलता है, कुछ पता नहीं चल पाता है। कूड़ा निस्तारण समय से नहीं होता है। गंदगी के कारण तमाम बीमारी होने का डर रहता है। - परमेश्वर सोनकर, नई बाजार।
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बारिश के मौसम में जिले के सात निकायों में बने एक-एक कूड़ा निस्तारण केंद्रों की स्थिति बदहाल है। रोजाना यहां शहरों के 128 वार्डों से 20 से 25 टन कूड़ा निकलता है। जिले में सात निकाय हैं, इसमें भदोही, गोपीगंज पालिका है, ज्ञानपुर, घोसिया, खमरियां, सुरियावां, नई बाजार नगर पंचायत है। भदोही को छोड़कर हमारी टीम ने सभी निकायों के कूड़ा निस्तारण केंद्र की पड़ताल की।
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टीम सुबह 10 से तीन बजे तक विभिन्न केंद्रों पर पहुंची। नई बाजार वार्ड संख्या एक गुलौरा एमआरएफ सेंटर पर टीम करीब 12.30 बजे पहुंची, जहां गेट पर ताला लटक रहा था। ज्ञानपुर केंद्र पर एक बजे पहुंची, जहां ताला खुला था, लेकिन मौके पर कोई कर्मचारी नहीं मिले। टीम 20 मिनट इंतजार करने के बाद चली गई। यहां कूड़ा बेतरतीब ढंग से डंप था।
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गोपीगंज का सेंटर गुलौरी गांव में है। केंद्र खुला था, कर्मचारी भी मौजूद रहे। एक कर्मचारी ने बताया कि एक सप्ताह से कूड़ा का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। घोसिया में तो कई महीनों से सेंटर बंद है। यहां कर्मचारी नियुक्त है, लेकिन वह केवल कागजों पर काम करता है। सेंटर के अंदर और बाहर भारी मात्रा में कचरा डंप मिला।
एमआरएफ सेंटर पर लगा बारिश का पानी
सुरियावां नगर के वार्ड संख्या 12 शहीद नगर में एमआरएफ सेंटर बनाया गया है। यहां आने वाले मार्ग पर दो फीट तक बारिश का पानी लगा है। कूड़ा गाड़ी आती है, लेकिन कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते हैं। इसके कारण दस दिनों से निस्तारण सही ढंग से नहीं हो रहा है। नगर के मुख्य मार्ग के कचरा का उठान किया जा रहा है। मोहल्ले में नियमित रूप से सफाई कर्मी नहीं आते हैं।
क्या है एमआरएफ सेंटर : गीला सूखा कचरा को अलग करने के लिए निकायों में मैटिरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनाया गया है। यहां नई आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। कूड़ा का निस्तारण किया जाता है। इसमें से निकले सामान का क्रय करके निकाय प्रशासन राजस्व प्राप्त करता है।
निकायों में निकलता है कचरा
भदोही- 7 टन
गोपीगंज - 6 टन
सुरियावां - 5 टन
ज्ञानपुर - 4 टन
नई बाजार- 4 टन
घोसिया - 5 टन
खमरियां - 3 टन
नोट: कर्मचारियों के अनुसार अनुमानित टन में कचरा है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
कूड़ा निस्तारण जिस उद्देश्य से बना है, इसकी उपयोगिता नहीं हो रही है। कचरा ले जाने के बाद केंद्र पर डंप तो कर दिया जाता है। कई दिनों तक उसका निस्तारण नहीं किया जाता है। गंदगी से उठने वाली दुर्गंध से लोग परेशान हैं। - विजय चंद्र गुप्ता, गोपीगंज।
नई बाजार में एमआरएफ सेंटर है, लेकिन कब चलता है, कुछ पता नहीं चल पाता है। कूड़ा निस्तारण समय से नहीं होता है। गंदगी के कारण तमाम बीमारी होने का डर रहता है। - परमेश्वर सोनकर, नई बाजार।