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Bhadohi News: केएनयू में अगले सप्ताह से स्नातक में शुरू होगा प्रवेश
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ज्ञानपुर। काशी नरेश विश्वविद्यालय (केएनयू) में स्नातक की कक्षाओं में प्रवेश अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। सोमवार से इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो जाएगा। छात्र-छात्राएं समर्थ पोर्टल पर जाकर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे। विवि प्रशासन की तरफ से प्रवेश की प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया है।
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अब काशी नरेश विश्वविद्यालय बन चुका है। नए शिक्षा सत्र में महाविद्यालय में ही प्रवेश शुरू होगा। विश्वविद्यालय की तरफ से इसकी कवायद शुरू हो गई है। इस पर यहां पर तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा के कोर्स भी शुरू हो रहे हैं।
दो से ढाई दशक पहले तक यहां सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर आदि जिले के छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आते थे, लेकिन जैसे-जैसे हर जिलों में कॉलेजों की संख्या बढ़ी तो यहां छात्रों की संख्या में कमी हो गई। 13 से 14 जुलाई से विश्वविद्यालय का पोर्टल खोल दिया जाएगा। जिससे बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकें। इसी तरह जिले के सभी 23 अन्य महाविद्यालय भी यहां से संबद्ध हो गए हैं। कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने कहा कि सोमवार से प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू हो जाएगा। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर प्रवेश ले सकेंगे। आवेदन की स्थिति देखकर मेरिट या सीधे प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी।
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छह विवि से जुड़ने के बाद स्वयं बना विश्वविद्यालय
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना एक अगस्त 1951 को महाराजा काशी नरेश ने किया था। उस दौरान कॉलेज आगरा विश्वविद्यालय से जुड़ा। 1962 से गोरखपुर विश्वविद्यालय, 1989 से 2008 तक पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर, 2009 से 2024 तक महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध रहा। 2025 में कॉलेज विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय से जुड़ गया। अब वह काशी नरेश विश्वविद्यालय है।
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काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अब काशी नरेश विश्वविद्यालय बन चुका है। नए शिक्षा सत्र में महाविद्यालय में ही प्रवेश शुरू होगा। विश्वविद्यालय की तरफ से इसकी कवायद शुरू हो गई है। इस पर यहां पर तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा के कोर्स भी शुरू हो रहे हैं।
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दो से ढाई दशक पहले तक यहां सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर आदि जिले के छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आते थे, लेकिन जैसे-जैसे हर जिलों में कॉलेजों की संख्या बढ़ी तो यहां छात्रों की संख्या में कमी हो गई। 13 से 14 जुलाई से विश्वविद्यालय का पोर्टल खोल दिया जाएगा। जिससे बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकें। इसी तरह जिले के सभी 23 अन्य महाविद्यालय भी यहां से संबद्ध हो गए हैं। कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने कहा कि सोमवार से प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू हो जाएगा। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर प्रवेश ले सकेंगे। आवेदन की स्थिति देखकर मेरिट या सीधे प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी।
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छह विवि से जुड़ने के बाद स्वयं बना विश्वविद्यालय
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना एक अगस्त 1951 को महाराजा काशी नरेश ने किया था। उस दौरान कॉलेज आगरा विश्वविद्यालय से जुड़ा। 1962 से गोरखपुर विश्वविद्यालय, 1989 से 2008 तक पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर, 2009 से 2024 तक महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध रहा। 2025 में कॉलेज विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय से जुड़ गया। अब वह काशी नरेश विश्वविद्यालय है।