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Bhadohi News: सात करोड़ से बनेंगी 50 ग्रामीण सड़कें, शासन को भेजी डीपीआर
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बहपूरा, शेरपुर गांव जाने वाली जर्जर मार्ग। संवाद
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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जिले की 50 ग्रामीण सड़कें दुरुस्त की जाएंगी। विभाग की तरफ से 10 साल पुरानी सड़कों का सर्वे किया गया। डीपीआर बनाकर शासन को भेजा गया है। 10 लाख से लेकर 25 लाख की लागत से बनने वाली इन सड़कों के निर्माण पर करीब सात करोड़ खर्च होगा। इसमें 200 मीटर से लेकर दो किमी लंबी सड़कें शामिल हैं। सभी सड़कें लिंक मार्ग से गांव को जोड़ने वाली हैं।
जिले की 546 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों में करीब 2500 किमी सड़कों का जाल फैला है। लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, जिला पंचायत, नगर पंचायत और मंडी समिति आदि एजेंसियां सड़कों की देखरेख करती हैं। इनमें सभी निर्माण कार्यों का नोडल लोक निर्माण विभाग होता है।
हर साल सड़कों के नवीनीकरण, मरम्मत, गड्ढामुक्त अभियान में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। इस दौरान जरूरत के हिसाब से कुछ सड़कें चौड़ी की जाती हैं। मुख्य सड़कों पर हर साल ध्यान दिया जाता है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें खराब ही रह जाती हैं। जिला पंचायत और पीएमजीएसवाई ग्रामीण सड़कों को बनवाती है।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में पीएमजीएसवाई ने छह ब्लॉकों में जेई के माध्यम से सर्वे कराया। इनमें 50 सड़कें जर्जर एवं मरम्मत लायक मिलीं। जिला पंचायत से अनुमोदन मिलने पर विभाग ने इसका डीपीआर बनवाकर शासन को भेज दिया। मुख्य मार्ग से लेकर लिंक मार्ग तक जुड़ने वाली इन छोटी सड़कों के निर्माण पर 10 से लेकर 25 लाख रुपये तक खर्च आएगा। सहायक अभियंता पीएमजीएसवाई ज्युत कुमार ने बताया कि सर्वे के आधार पर 50 सड़कों का डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर सड़कें बनाई जाएंगी। उम्मीद है कि अगले माह तक स्वीकृति मिल जाएगी। इन सड़कों के निर्माण पर करीब सात करोड़ खर्च आएगा।
जिले की 546 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों में करीब 2500 किमी सड़कों का जाल फैला है। लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, जिला पंचायत, नगर पंचायत और मंडी समिति आदि एजेंसियां सड़कों की देखरेख करती हैं। इनमें सभी निर्माण कार्यों का नोडल लोक निर्माण विभाग होता है।
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हर साल सड़कों के नवीनीकरण, मरम्मत, गड्ढामुक्त अभियान में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। इस दौरान जरूरत के हिसाब से कुछ सड़कें चौड़ी की जाती हैं। मुख्य सड़कों पर हर साल ध्यान दिया जाता है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें खराब ही रह जाती हैं। जिला पंचायत और पीएमजीएसवाई ग्रामीण सड़कों को बनवाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पीएमजीएसवाई ने छह ब्लॉकों में जेई के माध्यम से सर्वे कराया। इनमें 50 सड़कें जर्जर एवं मरम्मत लायक मिलीं। जिला पंचायत से अनुमोदन मिलने पर विभाग ने इसका डीपीआर बनवाकर शासन को भेज दिया। मुख्य मार्ग से लेकर लिंक मार्ग तक जुड़ने वाली इन छोटी सड़कों के निर्माण पर 10 से लेकर 25 लाख रुपये तक खर्च आएगा। सहायक अभियंता पीएमजीएसवाई ज्युत कुमार ने बताया कि सर्वे के आधार पर 50 सड़कों का डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर सड़कें बनाई जाएंगी। उम्मीद है कि अगले माह तक स्वीकृति मिल जाएगी। इन सड़कों के निर्माण पर करीब सात करोड़ खर्च आएगा।