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Bhadohi News: मरीजों को मिलेगी सकारात्मक उर्जा, दिन के हिसाब से बेड पर लगेगी चादर

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2026 01:01 AM IST
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Patients will receive positive energy, bed sheets will be placed according to the day
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ज्ञानपुर। जिले के 29 स्वास्थ्य केंद्रों पर अब वास्तु के हिसाब से चादर बिछाई जाएगी। हर दिन अलग-अलग रंग की चादर बेड पर बिछाई जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे मरीजों को सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी और उनका मानसिक तनाव दूर होगा। इसके अलावा हर दिन चादर बदलने से चादरों की सफाई व्यवस्था भी दुरूस्त हो सकेगी। बेड पर सात दिन सात रंगों के चादर बिछाई जाएगी।

अस्पताल आने वाले मरीजों को सफेद चादर ही मिलती है। कई बार चादर गंदा होने के बाद भी नहीं बदले जाते हैं। इसकी शिकायत भी अस्पताल प्रशासन को नियमित मिलती रहती है। माना जाता है कि अस्पतालों में दर्द में रह रहे मरीजों के कारण उनके परिजन भी परेशान रहते हैं। ऐसे में अस्पतालों में नकारात्मक उर्जा का असर भी होता है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय, सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह व्यवस्था लागू की गई है। अब यहां आने वाले मरीजों को हर दिन अलग-अलग रंग के बेड पर दिखाई देंगे।
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सात की चादर की खरीद पर 13 लाख रुपये होंगे खर्च
हर दिन अलग-अलग रंगों का चादर बिछाने के लिए चार क्रय किए जाएंगे। इस पर करीब 13 लाख रुपये खर्च होंगे। जिला अस्पताल व एमबीएम में 100-100 हैं। वहीं छह सीएचसी पर 30-30 बेड और 20 पीएचसी पर चार के हिसाब से कुल 80 बेड है। इसके अलावा सौ शय्या में 16 बेड लगे हैं। कुल 476 बेड हैं।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक बेड के चादर की अनुमानित कीमत 400 रुपये है। ऐसे में सात दिन के लिए कुल 3332 चादर खरीदी जाएंगी। इतने बेड की खरीद पर 13 लाख 32 हजार 800 रुपये खर्च होंगे।
किस दिन कौन से रंग की चादर
सोमवार - सफेद
मंगलवार - नारंगी
बुधवार - हरा
बृहस्पतिवार - पीला
शुक्रवार- पिंक
शनिवार - गहरा नीला, बैंगनी
रविवार - लाल
रंगों का मानसिकता पर गहरा प्रभाव, अलग-अलग रंग का अपना महत्व
मनोचिकित्सक डॉ. अभिनव पांडेय ने बताया कि रंगों का प्रभाव मानसिकता पर बहुत तेजी से पड़ता है। जैसे सफेद रंग शांति, बीपी कंट्रोल के लिए माना जाता है। इसी तरह नारंगी रंग अधिक बोलना, कमजोरी दूर करना, हरा रंग सकून, पीला रंग खुशी, आसमानी रंग ठंडक, गुलाबी हार्मोन को बैलेंस करना आदि है। वहीं भिदिऊरा के ज्योतिष्याचार्य आचार्य गणेश पांडेय ने बताया कि हिंदू परंपरानुसार के हर रंगों का अपना एक महत्व है। रंगों से मरीजों को सकारात्मक उर्जा मिलती है। रंगों से ग्रह नक्षत्र शांत होते हैं। ग्रह शांत होने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। सफेद रंग से चंद्रमा, शुक्र ग्रह की शांति होती है। इसी तरह से नारंगी पीला से बृहस्पति, हरा से बुध, गुलाबी से सूर्य, लाल से मंगल, नीला व बैंंगनी से शनि ग्रह की शांत रहते हैं।
सातों दिन अलग अलग रंग के चादर अस्पताल के बेड़ पर बिछ़ाया जाएगा। इससे सफाई व्यवस्था बेहतर होगी। इसके अलावा कलरफुल बेड से मरीजों को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। माॅनीटरिंग के दौरान जहां पर खामियां मिलेगी, तो सख्त कार्रवाही भी की जाएगी। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
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