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Bhadohi News: 3 साल में 6 बार लिखी चिट्ठी, 91 स्कूल भवनों के ऊपर से गुजर रहे हैं मौत के तार
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प्राथमिक विद्यालय बदलीपुर के ऊपर से गुजरा बिजली का तार। संवाद
- फोटो : महसी के बमभौरी गांव में सड़क पर निकला मगरमच्छ।
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ज्ञानपुर। परिषदीय स्कूलों के परिसर से होकर गुजरे हाईटेंशन तारों को हटाने के लिए बिजली निगम के अधिकारी संजीदा नहीं हैं। बीते शनिवार को भदोही ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय दुरांसी में हाईटेंशन लाइन में हुई शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी से अनुदेशक के साथ 15 बच्चे झुलस गए थे।
इससे एक बार फिर से बिजली निगम की सुस्ती पर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को जिले के परिषदीय स्कूलों की पड़ताल की तो पता चला कि 45 स्कूल भवनों के ऊपर से 11 हजार और 46 स्कूल परिसर से 440 वोल्ट का करंट का तार गुजर रहा है।
साल 2022 से शुरू हुई तार हटाने की कवायद अभी तक पूरी नहीं हो सकी। साल 2025 में बिजली निगम को 58 लाख रुपये तार हटाने के लिए जारी किए गए हैं।
साल 2022 से चल रही है कवायद, 2025 में जारी हुए 58 लाख
जनपद के 91 स्कूल परिसर से हाईटेंशन तार हटाने की योजना साल 2022 में बनी थी। तब से लेकर अब तक छह बार पत्राचार हो चुका है। इसके बाद बिजली निगम ने एस्टीमेट बनाया। वित्तीय वर्ष 2025 में शिक्षा विभाग ने बिजली निगम को 58 लाख का बजट जारी किया, लेकिन अभी तक विद्यालयों से तार नहीं हटाए गए हैं।
91 स्कूलों में पढ़ते हैं करीब 15 हजार बच्चे
जिन 91 स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरा है उसमें पहली से आठवीं तक के करीब 15 हजार बच्चे पढ़ते हैं। तार नहीं हटने से पढ़ने वाले बच्चे, शिक्षक और अभिभावक चिंतित रहते हैं।
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इससे एक बार फिर से बिजली निगम की सुस्ती पर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को जिले के परिषदीय स्कूलों की पड़ताल की तो पता चला कि 45 स्कूल भवनों के ऊपर से 11 हजार और 46 स्कूल परिसर से 440 वोल्ट का करंट का तार गुजर रहा है।
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साल 2022 से शुरू हुई तार हटाने की कवायद अभी तक पूरी नहीं हो सकी। साल 2025 में बिजली निगम को 58 लाख रुपये तार हटाने के लिए जारी किए गए हैं।
साल 2022 से चल रही है कवायद, 2025 में जारी हुए 58 लाख
जनपद के 91 स्कूल परिसर से हाईटेंशन तार हटाने की योजना साल 2022 में बनी थी। तब से लेकर अब तक छह बार पत्राचार हो चुका है। इसके बाद बिजली निगम ने एस्टीमेट बनाया। वित्तीय वर्ष 2025 में शिक्षा विभाग ने बिजली निगम को 58 लाख का बजट जारी किया, लेकिन अभी तक विद्यालयों से तार नहीं हटाए गए हैं।
91 स्कूलों में पढ़ते हैं करीब 15 हजार बच्चे
जिन 91 स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरा है उसमें पहली से आठवीं तक के करीब 15 हजार बच्चे पढ़ते हैं। तार नहीं हटने से पढ़ने वाले बच्चे, शिक्षक और अभिभावक चिंतित रहते हैं।