ज्ञानपुर। परिवहन विभाग ने व्यवसायिक वाहनों के लिए कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नई वन टाइम टैक्स प्रणाली लागू कर दी है। अब तक त्रैमासिक, अर्ध वार्षिक या वार्षिक टैक्स जमा करने की सुविधा लेने वाले वाहन स्वामियों को वाहन बेचने, ट्रांसफर करने या स्क्रैप कराने से पहले वनटाइम पूरा बकाया टैक्स एकमुश्त जमा करना होगा। नए पोर्टल पर व्यवस्था अपडेट कर दी गई है।
परिवहन विभाग की ओर से डिजिटल को बढ़ावा देने के साथ ही नियम में बदलाव किया गया है। इस बार नई व्यवस्था के अनुसार अब टैक्स भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल आधारित कर दी गई है। यदि किसी व्यवसायिक वाहन पर त्रैमासिक या अर्ध वार्षिक टैक्स की व्यवस्था चल रही है और वाहन स्वामी उसे बीच में बेचना चाहता है या उसे कबाड़ (स्क्रैप) घोषित कराना चाहता है तो पहले पूरे बकाया टैक्स का भुगतान अनिवार्य होगा। पहले जहां वाहन स्वामी अपनी सुविधा के अनुसार किस्तों में टैक्स जमा कर सकते थे, वहीं अब आवेदन तभी स्वीकार होगा जब वाहन पर देय संपूर्ण टैक्स का भुगतान कर दिया गया हो। विभाग का तर्क है कि इससे राजस्व वसूली में पारदर्शिता आएगी और बकाया कर की समस्या समाप्त होगी। व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि अचानक लागू हुई इस व्यवस्था से उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। नई व्यवस्था विशेष रूप से ट्रक, बस, टैक्सी और अन्य व्यवसायिक वाहनों पर प्रभाव डालेगी। जिन वाहन स्वामियों की आर्थिक स्थिति कमजोर है या जिनके वाहन लंबे समय से खड़े हैं, उनके लिए एकमुश्त टैक्स जमा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। एआरटीओ राम सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था शासन के निर्देश पर प्रभावी की गई है। इससे पारदर्शिता के साथ विभाग की आय बढ़ेगी।
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