{"_id":"69694117a339b1b9930bb03f","slug":"50-percent-of-the-youth-of-nindradu-area-are-deprived-of-higher-education-bijnor-news-c-27-1-bij1019-169984-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: नींदड़ू क्षेत्र के 50 प्रतिशत युवक-युवतियां उच्च शिक्षा से महरूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: नींदड़ू क्षेत्र के 50 प्रतिशत युवक-युवतियां उच्च शिक्षा से महरूम
विज्ञापन
विज्ञापन
नींदड़ू। आबादी के लिहाज से जनपद के बड़े गांवों में से एक नींदड़ू में डिग्री कालेज नहीं होने से क्षेत्र की 60 हजार से अधिक आबादी के करीब 50 प्रतिशत युवक और युवतियां उच्च शिक्षा हासिल करने से महरूम हैं। उच्च शिक्षा की व्यवस्था नहीं होने से लगभग 75 प्रतिशत लड़कियां चाहते हुए भी स्नातक स्तर की पढ़ाई नहीं कर पातीं।
नींदड़ू खास, बाजीदपुर-बीरू, मोहम्मद अलीपुर भिक्कन, अंथाई शेख, मटोरा मान, मटोरा दरगाह, कोटरा टप्पा, बुआपुर नत्थू, अजीतपुर दासी, मिलक बुआपुर, मोहम्मद अलीपुर मुक्ता, शेखपुरा पित्था, दौलतपुर सुक्खा, बखशनपुर, खुजिस्तानगर, मिर्जापुर पल्ला, शप्पर शिकोहपुर उर्फ खदाना, हकीमपुर नारायण उर्फ नंगला, लतीफुल्लापुर नवादा, सलावा और सरकथल माधो आदि में प्राथमिक विद्यालयों के अलावा कई उच्च प्राथमिक विद्यालय तो हैं, लेकिन हाई स्कूल और इंटरमीडिएट कालेजों की बड़ी कमी है।
मनकुआ में गांधी इंटर कालेज, बसेड़ा खुर्द में जनता इंटर कालेज, मौज्जमपुर सूरज में एमएल बाई गर्ल्स हायर सकेंड्री स्कूल और नींदड़ू में सर सैयद मेमोरियल हायर सेकेंड्री स्कूल के अलावा किसी गांव में डिग्री कालेज तो दूर, इंटर कालेज तक नहीं हैं। नींदड़ू और आसपास के युवक और युवतियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई हासिल करने के लिए धामपुर, बिजनौर या मुरादाबाद जाना पड़ता है।
गांधी इंटर कालेज मनकुआ के पूर्व प्रधानाचार्य हरिराज सिंह गहलौत का कहना है कि क्षेत्र में डिग्री कालेज नहीं होने से केवल 50 प्रतिशत युवक और युवतियां ही स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए धामपुर या अन्य शहरों में जाते हैं। यदि नींदड़ू के आसपास डिग्री कालेज होगा तो आगे की पढ़ाई जारी रखने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत काफी बढ़ जाएगा। खासकर लड़कियों का।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर हामिद अकबर का कहना है कि तरक्की की राहें तालीम से निकलती हैं। यदि डिग्री कालेज होगा, तो इससे सबसे ज्यादा फायदा लड़कियों को पहुंचेगा। जो परिवार अपनी बच्चियों को गांव और क्षेत्र से दूर नहीं भेजना चाहते, उनके लिए बड़ी हद तक आसानी होगी।
अंत्योदय पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक मुजीबुल जफर का कहना है कि करीब 25 हजार आबादी के गांव नींदड़ू में डिग्री कालेज का होना बहुत जरूरी है। इंटरमीडिएट और आगे की शिक्षा के लिए उन्हें शहर का रुख करना पड़ता है। लड़कियों की कम ही तादाद बाहर पढ़ने जा पाती है। यदि गांव या क्षेत्र में डिग्री कालेज होगा, तो लड़कियों की उच्च शिक्षा की राहें आसान हो जाएंगी।
अंथाई शेख निवासी और जिला पंचायत सदस्य रफत हुसैन का कहना है कि सबसे ज्यादा जरूरत लड़कियों की शिक्षा की है। लड़कियां सुशिक्षित होंगी, तो उनके बच्चे भी आला तालीम हासिल कर देश की तरक्की में अपना योगदान कर सकेंगे। काफी लोग अपनी बेटियों को पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से बाहर भेजने से कतराते हैं। इलाके में डिग्री कालेज होने से युवा वर्ग को जबरदस्त लाभ होगा।
Trending Videos
नींदड़ू खास, बाजीदपुर-बीरू, मोहम्मद अलीपुर भिक्कन, अंथाई शेख, मटोरा मान, मटोरा दरगाह, कोटरा टप्पा, बुआपुर नत्थू, अजीतपुर दासी, मिलक बुआपुर, मोहम्मद अलीपुर मुक्ता, शेखपुरा पित्था, दौलतपुर सुक्खा, बखशनपुर, खुजिस्तानगर, मिर्जापुर पल्ला, शप्पर शिकोहपुर उर्फ खदाना, हकीमपुर नारायण उर्फ नंगला, लतीफुल्लापुर नवादा, सलावा और सरकथल माधो आदि में प्राथमिक विद्यालयों के अलावा कई उच्च प्राथमिक विद्यालय तो हैं, लेकिन हाई स्कूल और इंटरमीडिएट कालेजों की बड़ी कमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मनकुआ में गांधी इंटर कालेज, बसेड़ा खुर्द में जनता इंटर कालेज, मौज्जमपुर सूरज में एमएल बाई गर्ल्स हायर सकेंड्री स्कूल और नींदड़ू में सर सैयद मेमोरियल हायर सेकेंड्री स्कूल के अलावा किसी गांव में डिग्री कालेज तो दूर, इंटर कालेज तक नहीं हैं। नींदड़ू और आसपास के युवक और युवतियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई हासिल करने के लिए धामपुर, बिजनौर या मुरादाबाद जाना पड़ता है।
गांधी इंटर कालेज मनकुआ के पूर्व प्रधानाचार्य हरिराज सिंह गहलौत का कहना है कि क्षेत्र में डिग्री कालेज नहीं होने से केवल 50 प्रतिशत युवक और युवतियां ही स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए धामपुर या अन्य शहरों में जाते हैं। यदि नींदड़ू के आसपास डिग्री कालेज होगा तो आगे की पढ़ाई जारी रखने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत काफी बढ़ जाएगा। खासकर लड़कियों का।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर हामिद अकबर का कहना है कि तरक्की की राहें तालीम से निकलती हैं। यदि डिग्री कालेज होगा, तो इससे सबसे ज्यादा फायदा लड़कियों को पहुंचेगा। जो परिवार अपनी बच्चियों को गांव और क्षेत्र से दूर नहीं भेजना चाहते, उनके लिए बड़ी हद तक आसानी होगी।
अंत्योदय पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक मुजीबुल जफर का कहना है कि करीब 25 हजार आबादी के गांव नींदड़ू में डिग्री कालेज का होना बहुत जरूरी है। इंटरमीडिएट और आगे की शिक्षा के लिए उन्हें शहर का रुख करना पड़ता है। लड़कियों की कम ही तादाद बाहर पढ़ने जा पाती है। यदि गांव या क्षेत्र में डिग्री कालेज होगा, तो लड़कियों की उच्च शिक्षा की राहें आसान हो जाएंगी।
अंथाई शेख निवासी और जिला पंचायत सदस्य रफत हुसैन का कहना है कि सबसे ज्यादा जरूरत लड़कियों की शिक्षा की है। लड़कियां सुशिक्षित होंगी, तो उनके बच्चे भी आला तालीम हासिल कर देश की तरक्की में अपना योगदान कर सकेंगे। काफी लोग अपनी बेटियों को पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से बाहर भेजने से कतराते हैं। इलाके में डिग्री कालेज होने से युवा वर्ग को जबरदस्त लाभ होगा।
