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Bijnor News: डीएम को चेतावनी, 27 मार्च को मानवाधिकार आयोग में तलब
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स्योहारा। स्योहारा क्षेत्र के ग्राम सब्दलपुर में कर्ज के बोझ तले दबे किसान भूदेव सिंह की आत्महत्या के मामले में जिला प्रशासन की उदासीनता अब भारी पड़ती दिख रही है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस प्रकरण में रिपोर्ट न देने पर अंतिम अवसर देते हुए डीएम बिजनौर को 27 मार्च 2026 को अपराह्न 12:30 बजे स्वयं या सक्षम प्रतिनिधि के माध्यम से आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
आयोग के अभिलेखों में दर्ज है कि 24 सितंबर 2025 को इस मामले की सम्यक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए थे, जिसकी अंतिम तिथि 13 नवंबर 2025 तय की गई थी, लेकिन तय समय सीमा में न तो रिपोर्ट भेजी गई और न ही किसी तरह का संतोषजनक स्पष्टीकरण आयोग को प्राप्त हुआ। इसके बाद भी 14 नवंबर 2025, 16 दिसंबर 2025 और 20 जनवरी 2026 को लगातार नोटिस जारी किए गए, मगर हर बार प्रशासन ने आयोग के आदेशों की अनदेखी की। आयोग ने इसे आपत्तिजनक मानते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित तिथि तक अनुपालन आख्या और विलंब का ठोस कारण प्रस्तुत नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 16 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
ग्राम सब्दलपुर निवासी भूदेव सिंह (45) ने 22 सितंबर 2025 को कर्ज और आर्थिक दबाव से टूटकर आत्महत्या कर ली थी। मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. तारिक जकी ने उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की थी।
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आयोग के अभिलेखों में दर्ज है कि 24 सितंबर 2025 को इस मामले की सम्यक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए थे, जिसकी अंतिम तिथि 13 नवंबर 2025 तय की गई थी, लेकिन तय समय सीमा में न तो रिपोर्ट भेजी गई और न ही किसी तरह का संतोषजनक स्पष्टीकरण आयोग को प्राप्त हुआ। इसके बाद भी 14 नवंबर 2025, 16 दिसंबर 2025 और 20 जनवरी 2026 को लगातार नोटिस जारी किए गए, मगर हर बार प्रशासन ने आयोग के आदेशों की अनदेखी की। आयोग ने इसे आपत्तिजनक मानते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित तिथि तक अनुपालन आख्या और विलंब का ठोस कारण प्रस्तुत नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 16 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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यह था मामला
ग्राम सब्दलपुर निवासी भूदेव सिंह (45) ने 22 सितंबर 2025 को कर्ज और आर्थिक दबाव से टूटकर आत्महत्या कर ली थी। मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. तारिक जकी ने उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की थी।
