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Bijnor News: एक साल से ठप है गुनियापुर में ओवर हेड टैंक से पेयजल आपूर्तिं
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नजीबाबाद। जल निगम की ओर से गांव गुनियापुर के वासियों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए करीब छह साल पहले ओवर हेड टैंक का निर्माण कराया गया था। करोड़ों रुपए की लागत से बनी टंकी मात्र पांच साल में ठप हो गई। टंकी का नलकूप रेतीला और गंदा पानी देने लगा।
ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने अपने खर्च पर नलकूप में काम कराया लेकिन कुछ दिन बाद फिर नलकूप गंदा पानी उगलने लगा। करीब तीन हजार वोटर वाले गांव में पेयजल संकट गहरा गया। शासन की ओर से लगे इंडिया मार्क लगे अधिकांश हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। गांव कुछ आर्थिक रूप से सक्षम ग्रामीणों के यहां लगे निजी सबमर्सिबल लगे हैं। लेकिन अधिकांश ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत करने के बाद जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिकारियों को पेयजल बहाल करने के निर्देश दिए थे। लेकिन बोरिंग फेल होने और पुन: रिबोर किए जाने का तर्क और शासन से रिबोर के बजट की स्वीकृत होने की बात बताकर अधिकारियों ने अपना पल्ला झाड़ लिया।
-बोले ग्रामीण-
-ग्रामीण मोहित कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल पहुंचाने की योजना देशभर में जारी है। लेकिन गांव गुनियापुर में पेयजल की पुरानी व्यवस्था को अधिकारियों की अनदेखी ने ठप कर दिया। पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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-किसान चौधरी धर्म सिंह ने बताया कि पानी जीवन दाता है। पानी का इस्तेमाल पेयजल में ही नहीं दैनिक जरूरत के लिए बहुत जरूरी है। टंकी के खराब होने से पशुओं को अच्छा पानी नहीं मिल रहा है। पानी के अभाव में पशुशाला गंदी पड़ी है। एक साल से पानी की एक-एक बूंद को तरसना पड़ रहा है।
-युवा नितिन कुमार ने बताया कि गांव में टंकी निर्माण के दौरान सड़क को तोड़ दिया था। हर घर पानी पहुंचने की खुशी में ग्रामीण ने खस्ताहाल मार्ग से कई साल आवागमन किया। टंकी खराब हुई कई बार अधिकारी आए लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। कुछ ग्रामीणों ने न चाहते हुए कर्ज लेकर सबमर्सिबल कराया है।
-ग्राम प्रधान/प्रशासक रविंद्र सिंह सहरावत ने बताया कि गांव में पेयजल बहाली के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल की। जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जांच कराई गई। जल निगम के अधिकारियों ने बोरिंग फेल होने पर पुन: रिबोर होने की रिपोर्ट दी। एक साल बीतने के बाद न तो नलकूप की मरम्मत की गई और न ही रिबोर किया गया। ग्रामीण पेयजल संकट झेल रहे हैं।
-उधर जल निगम के सहायक अभियंता शुभम सक्सेना ने बताया कि नलकूप का रिबोर होना है। शासन को रिपोर्ट भेजी है। बजट आने पर रिबोर किया जाएगा। जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारु की जाएगी।
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ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने अपने खर्च पर नलकूप में काम कराया लेकिन कुछ दिन बाद फिर नलकूप गंदा पानी उगलने लगा। करीब तीन हजार वोटर वाले गांव में पेयजल संकट गहरा गया। शासन की ओर से लगे इंडिया मार्क लगे अधिकांश हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। गांव कुछ आर्थिक रूप से सक्षम ग्रामीणों के यहां लगे निजी सबमर्सिबल लगे हैं। लेकिन अधिकांश ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत करने के बाद जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिकारियों को पेयजल बहाल करने के निर्देश दिए थे। लेकिन बोरिंग फेल होने और पुन: रिबोर किए जाने का तर्क और शासन से रिबोर के बजट की स्वीकृत होने की बात बताकर अधिकारियों ने अपना पल्ला झाड़ लिया।
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-बोले ग्रामीण-
-ग्रामीण मोहित कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल पहुंचाने की योजना देशभर में जारी है। लेकिन गांव गुनियापुर में पेयजल की पुरानी व्यवस्था को अधिकारियों की अनदेखी ने ठप कर दिया। पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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-किसान चौधरी धर्म सिंह ने बताया कि पानी जीवन दाता है। पानी का इस्तेमाल पेयजल में ही नहीं दैनिक जरूरत के लिए बहुत जरूरी है। टंकी के खराब होने से पशुओं को अच्छा पानी नहीं मिल रहा है। पानी के अभाव में पशुशाला गंदी पड़ी है। एक साल से पानी की एक-एक बूंद को तरसना पड़ रहा है।
-युवा नितिन कुमार ने बताया कि गांव में टंकी निर्माण के दौरान सड़क को तोड़ दिया था। हर घर पानी पहुंचने की खुशी में ग्रामीण ने खस्ताहाल मार्ग से कई साल आवागमन किया। टंकी खराब हुई कई बार अधिकारी आए लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। कुछ ग्रामीणों ने न चाहते हुए कर्ज लेकर सबमर्सिबल कराया है।
-ग्राम प्रधान/प्रशासक रविंद्र सिंह सहरावत ने बताया कि गांव में पेयजल बहाली के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल की। जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जांच कराई गई। जल निगम के अधिकारियों ने बोरिंग फेल होने पर पुन: रिबोर होने की रिपोर्ट दी। एक साल बीतने के बाद न तो नलकूप की मरम्मत की गई और न ही रिबोर किया गया। ग्रामीण पेयजल संकट झेल रहे हैं।
-उधर जल निगम के सहायक अभियंता शुभम सक्सेना ने बताया कि नलकूप का रिबोर होना है। शासन को रिपोर्ट भेजी है। बजट आने पर रिबोर किया जाएगा। जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारु की जाएगी।